हल्द्वानी: घायल श्रमिक को न्याय दिलाने श्रम आयुक्त दफ्तर पहुंची इंटरार्क यूनियन, कंपनी प्रबंधन की मनमानी पोल खोली

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हल्द्वानी, अमृत विचार। इंटरार्क कंपनी सिडकुल पंतनगर में काम करने के दौरान स्थायी श्रमिक विजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका दाहिना हाथ टूट गया। प्रबंधन, ठेकेदार और सुपरवाइजर की मनमानी के खिलाफ सोमवार को इंटरार्क मजदूर संगठन उधमसिंह नगर के दर्जनों श्रमिकों ने श्रम आयुक्त उत्तराखंड के कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन …

हल्द्वानी, अमृत विचार। इंटरार्क कंपनी सिडकुल पंतनगर में काम करने के दौरान स्थायी श्रमिक विजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका दाहिना हाथ टूट गया। प्रबंधन, ठेकेदार और सुपरवाइजर की मनमानी के खिलाफ सोमवार को इंटरार्क मजदूर संगठन उधमसिंह नगर के दर्जनों श्रमिकों ने श्रम आयुक्त उत्तराखंड के कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया।

श्रमायुक्त कार्यालय परिसर में घायल श्रमिक के साथ प्रदर्शन करते यूनियन के पदाधिकारी।

इस दौरान श्रम आयुक्त दीप्ती सिंह की गैरमौजूदगी में उप श्रमआयुक्त विपिन कुमार को ज्ञापन सौंपकर घायल श्रमिक विजेंद्र सिंह को न्याय दिलाने और प्रबंधन, ठेकेदारों और सुपरवाइजर को दंडित कर कंपनी में चल रही गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की। इंटरार्क मजदूर संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर मामले में श्रम विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कार्रवाई नहीं की तो जल्द उग्र आंदोलन किया जाएगा। श्रमिकों की मांग पर उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार ने आवश्यक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

उधमसिंह नगर यूनियन के अध्यक्ष दलजीत सिंह के नेतृत्व में आए श्रमिकों ने कंपनी प्रबंधन पर स्थायी श्रमिकों को ठेका प्रथा में धकेलने की साजिश रचने का आरोप लगाया। दलजीत सिंह ने कहा कि जिन स्टील की भारी भरकम प्लेटों को उठाने के लिए क्रेनों का इस्तेमाल होता है उन्हें श्रमिकों के हाथों उठवाया जा रहा है। आरोप लगाया कि कंपनी के ठेकेदार उज्जवल और सुपरवाइजर पान सिंह द्वारा प्रशिक्षित श्रमिकों को मशीनों से हटाकर उनका कार्यस्थल बदलकर जानमाल से खिलवाड़ किया जा रहा है वहीं अप्रशिक्षित श्रमिकों को खतरनाक मशीनों एवं मुख्य उत्पादन क्षेत्रों में धकेला जा रहा है।

दलजीत सिंह ने कहा कि कंपनी भारी इंजीनियरिंग उद्योग है लेकिन विडंबना देखिए कि प्रशिक्षित स्थायी श्रमिकों को काम कराने का निर्देश अप्रशिक्षित ठेकेदार और सुपरवाइजर दे रहे हैं। यही वजह है कि पिछले दिनों ऐसी ही लापरवाही से किच्छा प्लांट में एक ड्राइवर की मौत हो चुकी है जबकि पंतनगर प्लांट में कई मजदूर घायल हो चुके हैं। दलजीत सिंह ने कहा कि कई बार श्रम आयुक्त दीप्ती सिंह के दफ्तर में न्याय की आस लेकर आ चुके हैं लेकिन हर बार अधिकारी के मीटिंग में होने के बात पता चलती है। जब अधिकारी कार्यालय में बैठेंगे नहीं और समस्या ही नहीं सुनेंगे तो मजदूरों के हितों की रक्षा कैसे होगी यह बड़ा सवाल है। इस मौके पर विरेंद्र कुमार, सौरभ कुमार, देवेंद्र बिष्ट, देवेंद्र पटेल, रविंद्र सिंह, संजय सिंह, प्रभु दयाल आदि रहे।

 

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