शाहजहांपुर: पुलिस की बड़ी लापरवाही, जिसकी सौंप दी लाश, वह मेडिकल कॉलेज में भर्ती मिला

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शाहजहांपुर, अमृत विचार। 22 अगस्त को शाहजहांपुर पुलिस की बड़ी लापरवाही की वजह से जिस लाश की शिनाख्त 87 वर्षीय रना के रूप में हुई और परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार करने के बाद शुद्धि हवन व भोज भी खा लिया वह मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के वार्ड में 20 नंबर बेड पर भर्ती मिले। …

शाहजहांपुर, अमृत विचार। 22 अगस्त को शाहजहांपुर पुलिस की बड़ी लापरवाही की वजह से जिस लाश की शिनाख्त 87 वर्षीय रना के रूप में हुई और परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार करने के बाद शुद्धि हवन व भोज भी खा लिया वह मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के वार्ड में 20 नंबर बेड पर भर्ती मिले। बुजुर्ग रना को पाकर परिजनों में जहां खुशी का माहौल है, वहीं अज्ञात लाश का अंतिम संस्कार करने की बात सोंचकर वे सकते में हैं। मृत समझ रहे बुजुर्ग के जिंदा मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बरेली मोड़ पर दुर्घटना में मिला शव किसका था? इतना ही अज्ञात की मौत एक राज बनकर ही रह जाएगी।

बरेली मोड़ पर 20 अगस्त को दुर्घटनाग्रस्त अज्ञात बुजुर्ग का शव मिला था। लखीमपुर खीरी जनपद के थाना पसगवां के गांव जिंदपुर निवासी इंद्रकुमार अपने 87 वर्षीय पिता रना की दुर्घटना में मौत होने की खबर पाकर 22 अगस्त को कोतवाली चौक की पुलिस चौकी अजीजगंज में अपने रिश्तेदारों के साथ पहुंचे। पुलिस ने दो दिन पहले मिली दुर्घटनाग्रस्त लाश को दिखवाया। इंद्रकुमार का कहना है कि लाश पूरी तरह ढकी थी और कीड़े पड़ गए थे। लाश से काफी दुर्गंध भी आ रही थी।

उन्होंने अपने पिता की ही लाश मानकर पुलिस चौकी अजीजगंज के सिपाही संजय कुमार से अपनी सुपुर्दगी में ले ली। 22 की रात करीब एक बजे बमुश्किल मिले वाहन से शव लेकर गांव पहुंचे और अत्यधिक दुर्गंध के कारण शव को सीधे श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया। पांचवें दिन शुद्धि हवन और भोज का भी आयोजन किया। 29 अगस्त को गांव निवासी एक व्यक्ति किसी मरीज को देखने मेडिकल कॉलेज आया तो 20 नंबर बेड पर बुजुर्ग रना को देखकर हैरान रह गया।

रना का पैर टूट जाने के कारण प्लास्टर चढ़ाया गया है और उनकी हालत सामान्य है। उसने गांव जाकर सभी को रना के मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने की बात बताई। शोकाकुल परिजनों ने भी उनके जिंदा होने की बात जाकर खुशी से झूम उठे। मंगलवार को भतीजा राजीव और दिलीप रना को देखने आया और गांव वालों को जाकर बताया तो पूरे गांव में चर्चा का दौर शुरू हो गया है।

पता लगा है कि जिस अज्ञात शव की शिनाख्त रना के रूप में हुई थी, वह जिंदा है। परिजनों ने गलत शिनाख्त कर ली थी। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।- एस. आनंद, एसपी।

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