महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले बढ़ना चिंताजनक: पायलट

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जयपुर। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि राज्‍य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं और राज्य सरकार को इन पर लगाम लगाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने राजस्थान में अनुसूचित जाति (एससी) आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की भी मांग की। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो …

जयपुर। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि राज्‍य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं और राज्य सरकार को इन पर लगाम लगाने के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने राजस्थान में अनुसूचित जाति (एससी) आयोग को संवैधानिक दर्जा देने की भी मांग की। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की ताजा रपट के बारे में पूछे जाने पर पायलट ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा, मैं समझता हूं कि यह मामला बहुत चिंताजनक है कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों के खिलाफ घटनाओं में वृद्धि हुई है। राज्‍य में अनुसूचित जाति (एससी) आयोग को संवैधानिक दर्जा मिलना चाहिए।

सरकार को मिलकर काम करना चाहिए कि हम मामलों को कैसे नियंत्रण में लाएं और यह बहुत जरूरी है कि लोगों को समय पर न्याय मिले। पायलट ने कहा, हमें इस तरह का माहौल बनाना होगा कि कोई भी व्‍यक्ति बच्चियों, दलितों, आदिवासियों व महिलाओं के खिलाफ कोई अत्याचार न कर सके। यह जिम्मेदारी हम लोगों की है और इसमें पूरी ताकत से सरकार काम करेगी।

भविष्‍य में हम लोग हालात को बेहतर बना सकेंगे। उल्लेखनीय है कि एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में देश में बलात्‍कार के सबसे अधिक मामले राजस्‍थान में दर्ज किए गए। इसके अनुसार, वर्ष 2021 में देश भर में बलात्‍कार के कुल 31,677 मामले दर्ज हुए जिनमें से 6337 राजस्थान में दर्ज किए गए।

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