हल्द्वानी : वर्तमान में वैदिक साइंस तकनीकि के महत्व को समझना जरूरी
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एंड रिसर्च सेंटर देहरादून और वैदिक इनफॉर्मेटिक सेंटर देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के तत्वावधान में एमआईईटी कुमाऊं हल्द्वानी में कार्यशाला एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक साइंस से जुड़ीं विशेषताओं को बताया गया। डॉ. भट्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, पायथन लैंग्वेज जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एंड रिसर्च सेंटर देहरादून और वैदिक इनफॉर्मेटिक सेंटर देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के तत्वावधान में एमआईईटी कुमाऊं हल्द्वानी में कार्यशाला एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान वैदिक साइंस से जुड़ीं विशेषताओं को बताया गया।
डॉ. भट्ट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, पायथन लैंग्वेज जैसे महत्त्वपूर्ण विषयों को वैदिक साइंस से जोड़ने की बात कही। बीसीए, बीबीए के छात्रों को वर्तमान समय में वैदिक साइंस की उपयोगिता को बताया। डॉ. चंद्र शेखर पटेल, असिस्टेंट प्रो. देव संस्कृति ने वैदिक साइंस की वर्तमान युग में आने वाली महत्ता को बताया। छात्रों को एक नए विषय को अपने वर्तमान जीवन के साथ जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. पार्थ गौतम ने उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी ने छात्र छात्राओं को वैदिक साइंस संबंधित खेल खिलाए। इस दौरान क्विज प्रतियोगिताएं भी हुईं। छात्रों में वैदिक साइंस के प्रति रुचि बढ़ती हुई दिखाई दी। क्विज प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर बीसीए की छात्रा प्राची पंत, दूसरे स्थान पर आशीष चंद्र शर्मा, गीता मेहरा और तीसरे स्थान पर गौरव पांडे रहे। बीसीए की छात्रा दिव्या सक्सेना ने अधिक उत्तर देकर इंटरैक्टिव स्टूडेंट का खिताब जीता।
इस कार्यशाला का उद्देश्य मूल रूप से वैदिक साइंस को प्रौद्योगिकी युग के साथ आगे बढ़ाना और टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों जागरूकता पैदा करना था। कॉलेज के प्रबंध निदेशक महोदय डॉ. बीएस बिष्ट ने छात्रों को प्रोद्योगिकी के कार्य के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हमें टेक्नोलॉजी के साथ चलने की आवश्यकता है। वेद जिन्हें हम भूल चुके हैं, लेकिन उन्हीं वेदों की गाइडलाइन से समय के साथ चलना है।
कार्यकारी निदेशक डॉ. तरुण सक्सेना ने इनोवेशन सेल के हेड डॉ. कमल रावत ने प्रो. अभय सक्सेना डीन डीएसवी हरिद्वार को इस कार्यशाला के आयोजन को संपन्न कराने के लिए आभार दिया। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रो. हेमा नेगी खत्री ने किया।
