रुद्रपुर: प्रबंधन के साथ मिलकर यूनियन तोड़ने की साजिश रचने वाले चार सदस्यों को इंटरार्क यूनियन ने दिखाया बाहर का रास्ता

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रुद्रपुर, अमृत विचार। इंटरार्क मजदूर संगठन ने यूनियन को तोड़ने की साजिश रचने वाले चार सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आरोप है कि चारों सदस्यों (प्रभात कुमार सैनी, अरविंद गिरी, विजेंद्र कुमार और अरुण कुमार विश्वकर्मा) ने कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर यूनियन के साथ धोखेबाजी की। पंतनगर यूनियन के अध्यक्ष दलजीत …

रुद्रपुर, अमृत विचार। इंटरार्क मजदूर संगठन ने यूनियन को तोड़ने की साजिश रचने वाले चार सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। आरोप है कि चारों सदस्यों (प्रभात कुमार सैनी, अरविंद गिरी, विजेंद्र कुमार और अरुण कुमार विश्वकर्मा) ने कंपनी प्रबंधन के साथ मिलकर यूनियन के साथ धोखेबाजी की।
पंतनगर यूनियन के अध्यक्ष दलजीत सिंह ने बताया कि इंटरार्क प्रबंधन द्वारा श्रमिकों का शोषण चरम पर है। पंतनगर प्लांट में कार्यरत राकेश कुमार को जबरिया ओवरटाइम न करने पर प्रबंधन ने नोटिस थमा दिया वहीं श्रमिकों के कार्य क्षेत्र में परिवर्तन कर मौत के मुंह में धकेला जा रहा है। बावजूद इसके श्रम अधिकारी और जिला प्रशासन के अधिकारी मौन बैठे हैं।

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उन्होंने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने घायल श्रमिक विजेंद्र सिंह के इलाज में लापरवाही की। जिसके बाद अमृत अस्पताल के चिकित्सकों ने हाथ में नया प्लास्टर चढ़ाया है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन द्वारा यूनियन सदस्यों के साथ भेदभाव करते हुए इंक्रीमेंट का लाभ नहीं दिया जा रहा है। बताते चलें कि इंटरार्क मजदूर संगठन की ओर से पंतनगर और किच्छा प्लांट में मजदूरों के शोषण के खिलाफ बीते 16 अगस्त से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसे में अब मजदूर किसान महापंचायत के माध्यम से कंपनी प्रबंधन, श्रम विभाग और जिला प्रशासन को नींद से जगाने की तैयारी है।

देखें वीडियो: जब इंटरार्क यूनियन ने घायल साथी के साथ श्रम भवन हल्द्वानी में किया प्रदर्शन

धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मजदूर इस शोषण और उत्पीड़न से घबराने वाले नहीं हैं और उनका मनोबल कम होने वाला नहीं है क्योंकि मजदूरों को पता है कि न्याय की लड़ाई में जीत हमेशा न्याय पर भरोसा रखने वालों की ही होती है। अनैतिक कार्य को करके कंपनी प्रबंधक अपनी ताकत दिखाने की कोशिश जरूर कर रहा है लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिन तक जारी नहीं रह सकती है।

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