बरेली: हाथ से तौल कर रहे राशन की घटतौली
बरेली। कोटेदार कोरोना संकटकाल के समय में भी गरीबों के राशन पर डाका डालकर चांदी काट रहे हैं। लगातार शिकायतों के बाद भी खाद्य आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार आंखे मूंदे हुए हैं। पालपुर-कमालपुर गांव में इलैक्ट्रानिक कांटे की जगह हाथ वाले तराजू से गरीबों को राशन देकर खुलेआम घटतौली की जा रही है। जिला पूर्ति …
बरेली। कोटेदार कोरोना संकटकाल के समय में भी गरीबों के राशन पर डाका डालकर चांदी काट रहे हैं। लगातार शिकायतों के बाद भी खाद्य आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार आंखे मूंदे हुए हैं। पालपुर-कमालपुर गांव में इलैक्ट्रानिक कांटे की जगह हाथ वाले तराजू से गरीबों को राशन देकर खुलेआम घटतौली की जा रही है।
जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) ने मामला संज्ञान में आने के बाद इसकी जांच शुरू कराने के बात कही है। शहर से करीब आठ किलो मीटर दूर क्यारा ब्लॉक के पालपुरकमालपुर और रहमानपुर के तीन गांवों की राशन की दुकान पिछले कई सालों से कोटेदार रामसेवक अपने घर के अंदर ही चला रहा है।
यहां डिजिटल भारत की मुहिम को पूरी तरह से पलीता लगाया जा रहा है। यहां हाथ वाले तराजू से राशन तौल कर रहा कार्ड धारकों को दिया जा रहा है। जाहिर है कि इससे राशन में घटतौली हो रही है और सरकारी नियमों की धज्जियां भी उड़ाई जा रही हैं। यह सीधे-सीधे गरीबों के राशन पर डाका है।
गांव वालों का कहना है कि शिकायत करने के बाद भी अधिकारी तराजू से राशन तौल पर अंकुश नहीं ला रहे हैं। आरोप है कि कम राशन मिलने की बात अगर गांव वाले कोटेदार से करते हैं तो उन्हें राशन न देने की धमकी देकर भगा दिया जाता है। बुधवार को जब अमृत विचार की टीम गांव में राशन वितरण की प्रक्रिया को देखने पहुंची तो आनन-फानन में कोटेदार ने हाथ वाले तराजू को हटाकर उसके स्थान पर इलेक्ट्रानिक तराजू से राशन तोलना शुरू कर दिया।
दूसरे गांव के कोटेदार के जरिए मामला दबाने में जुटे रहे अफसर
पालपुर-कमालपुर गांव में जब अमृत विचार की टीम पहुंची तो कोटेदार का बेटा राशन का वितरण कर रहा था। उसके बाद उसने आनन-फानन में हाथ वाले तराजू को हटाकर इलेक्ट्रानिक तराजू को रख दिया। कुछ देर बाद ही कोटेदार रामसेवक भी अपनी दुकान पर पहुंच गए।
इसी बीच गांव में पहुंचे मानपुर के कोटेदार ने बताया कि उसे पूर्तिनिरीक्षक अधिकारी ललित श्रीवासतव ने भेजकर कोटेदार के यहां से हाथ वाला तराजू हटवाने को कहा था। वहीं, कोटेदार अमृत विचार की टीम से भी मामला दबाने की गुहार लगाता रहा। उसके बाद जब डीएसओ की जानकारी में मामला आया तो कोटेदार वहां से खिसक गया।
