मुरादाबाद : डीयू की महिला प्रोफेसर का हाईवे से अपहरण, बंधक बनाकर की छेड़छाड़-मारपीट…नपे मूंढापांडे थाना प्रभारी

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मुरादाबाद,अमृत विचार। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सहायक महिला प्रोफेसर व उनके दोस्त का कार समेत अपहरण फिर बंधक बनाकर पीड़िता से छेड़छाड़ व मारपीट की सनसनीखेज वारदात प्रकाश में आई है। प्रकरण में मूंढापांडे पुलिस की लंबी खामोशी व कानूनी कार्रवाई में कोताही को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने जहां …

मुरादाबाद,अमृत विचार। दिल्ली विश्वविद्यालय की एक सहायक महिला प्रोफेसर व उनके दोस्त का कार समेत अपहरण फिर बंधक बनाकर पीड़िता से छेड़छाड़ व मारपीट की सनसनीखेज वारदात प्रकाश में आई है। प्रकरण में मूंढापांडे पुलिस की लंबी खामोशी व कानूनी कार्रवाई में कोताही को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमंत कुटियाल ने जहां थाना प्रभारी को कार्यमुक्त कर दिया है, वहीं महिला प्रोफेसर व उनके दोस्त के अपहर्ताओं की शिद्दत से तलाश हो रही है।

महानगर के गलशहीद थाना क्षेत्र में तम्बाखू स्ट्रीट की रहने वाली पीड़िता के मुताबिक वह दिल्ली यूनिवर्सिटी में सहायक प्रोफेसर के रूप में बीते पांच साल से कार्यरत हैं। 28 अगस्त की शाम करीब साढ़े सात बजे अपने परिचित खतीबूल इस्लाम पुत्र स्व सिराजुल इस्लाम निवासी पीरजादा मुरादाबाद संग कार से रामपुर रवाना हुई। कार सवार मूंढापांडे टोल प्लाटा से पहले एक पेट्रोल पम्प पर रुके। तेल लेकर वह रामपुर की ओर बढ़े। कुछ ही दूर बाद खतीबूल इस्लाम ने फास्टैग कार्ड रिचार्ज करने की कोशिश में कार दोबारा रोकने की कोशिश की। तभी असद रईस पुत्र रईस अहमद निवासी लाजपत नगर थाना कटघर व उसके मित्र कार के सामने आ गए। वाहन रोकते हुए असद रईस ने कार चला रहे खतीबूल इस्माल को पकड़ कर बाहर खींचने लगा। गाली-गलौज व हाथापाई के दौरान असद रईस ने महिला प्रोफेसर का कपड़ा खींच लिया।

आरोपी ने दुष्कर्म तक की धमकी दी। फिर असद रईस ने अपने पिता रईस अहमद व बहन अरशी रईस व भाई अनस रईस के अलावा रिश्तेदार अखदस रईस, अकरम अंसारी पुत्र अय्यूब अंसारी समेत 10 से 20 व्यक्तियों को मौके पर बुलाया। हमलावरों ने महिला प्रोफेसर से मारपीट करते हुए उनका फोन व दुपट्टा छीना। प्रोफेसर व उनके दोस्त की वीडियो बनाकर वायरल व बदनाम करने की धमकी दी। फिर हमलावर प्रोफेसर व उनके दोस्त को कार समेत गलशहीद थाना क्षेत्र में चाँद वाली मस्जिद के सामने काले रंग के गेट वाले मकान में ले गए। वहां 30 से 40 व्यक्ति पहले से मौजूद थे।

कार से उतार कर हमलावरों ने महिला प्रोफेसर व उनके दोस्त को बंधक बना लिया। इस बीच खतीबूल इस्लाम ने घटना की सूचना गलशहीद पुलिस को दी। उधर हमलावर महिला प्रोफेसर संग गाली गलौज करते अश्लील हरकतें करने लगे। भनक लगते ही महिला प्रोफेसर के परिजन मौके पर पहुंचे। हमलावरों ने उनकी मां व भाई से बदसलुगी करते हुए चारों को बंधक बना लिया। प्रोफेसर की मां ने हमलावरों की घंटों मान-मन्नौव्वल की। तब पीड़ित हमलावरों के चंगुल से मुक्त हुए। बेटी संग घर लौटी महिला की तबियत अचानक बिगड़ गई। 31 अगस्त को पूरी घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। वीडियो वायरल करने बाद हमलावर अरशी रईस ने मोबाइल फोन पर प्रोफेसर को मैसेज भेज। लिखा कि मारपीट व बदनामी कर के उसे मजा आ रहा। पीड़िता की तहरीर के आधार पर गलशहीद पुलिस ने असद रईस, रईस अहमद, अरशी रईस, अनस रईस, अखदस रईस, अकरम अंसारी के अलावा दो अज्ञात के खिलाफ लूटपाट, छेड़छाड़, मरपीट समेत अन्य कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

ऐसे नपे मूंढापांडे थाना प्रभारी
उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के महारथी दारोगा हिमांशु चौहान कुर्सी छोड़ने का चाहे जो भी कारण बताएं, लेकिन असल सच यह है कि उपनिरीक्षक पर खुद की ठसक व मजबूत पकड़ का गुमान भारी पड़ा। दरसल अपहरण, लूटपाट, छेड़छाड़ व मारपीट के कारण सदमे की शिकार दिल्ली की महिला प्रोफेसर का प्रकरण बुधवार देर रात साहब के दरबार में पहुंच गया। मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी ने मूंढापांडे थाना प्रभारी हिमांशु चौहान को तत्काल तलब कर लिया।

एसएसपी आवास पर ही पीड़ित महिला प्रोफेसर व मूंढापांडे थानेदार एक-दूसरे से मुखातिब हुए। महिला प्रोफेसर ने टोल प्लाजा के समीप वारदात के वक्त गुहार के बाद भी मूंढापांडे पुलिस की मदद न मिलने का आरोप लगाया। उधर तहरीर न मिलने का हवाला देकर थाना प्रभारी पल्ला झाड़ने की कोशिश करते रहे। तब एसएसपी की भृकुटी तन गई। उन्होंने थानेदार से पूछा कि वारदात तीन दिन पहले हुई। ऐसे में हाईवे पर हुई दुस्साहसिक घटना की जानकारी उन तक क्यों नहीं पहुंची? इस सवाल के जवाब देने की बजाय थाना प्रभारी बगलें झांकने लगे। तब एसएसपी ने हिमांशु चौहान को लाइन में आमद करने का आदेश देते हुए सिटी कोतवाली के बुध बाजार चौकी प्रभारी रहे अमित सिंह तोमर को मूंढापांडे का थानेदार बना दिया। पूर्व थानेदार हिमांशु चौहान अपनी कारगुजारियों के कारण पहले भी सुर्खी में रह चुके हैं।

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