अमरोहा : चिह्नित कर जल्द ध्वस्त कराए जाएंगे अवैध भूखंड, एसडीएम ने दिए निर्देश
हसनपुर (अमरोहा), अमृत विचार। अवैध भूखंड़ों से नगर का नक्शा बिगाड़ने वालों पर भी अब प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भूखंड का बिना विनियमितीकरण की निर्माण करने वाले लोगों की सूची बनाई गई है। इनमें कई लोग राजनीति में रसूख रखने भी शामिल हैं। नगर व निकटवर्ती गांवों में विनियमितीकरण है, …
हसनपुर (अमरोहा), अमृत विचार। अवैध भूखंड़ों से नगर का नक्शा बिगाड़ने वालों पर भी अब प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। भूखंड का बिना विनियमितीकरण की निर्माण करने वाले लोगों की सूची बनाई गई है। इनमें कई लोग राजनीति में रसूख रखने भी शामिल हैं।
नगर व निकटवर्ती गांवों में विनियमितीकरण है, लेकिन बिना नक्शा पास कराए ही वर्षों से अवैध भूखंड़ों का खेल चल रहा है। भू-स्वामियों ने प्रापर्टी डीलरों के माध्यम से भूखंड बेचकर करोड़ों की कमाई की। कुछ लोगों ने बिना नक्शा पास कराए भवनों का निर्माण शुरू करा दिया और अवैध कॉलोनियां तैयार हो गईं। रोक लगाने के लिए अब शासन ने नया आदेश जारी किया है। लेआउट स्वीकृत कराए बगैर भूखंड पर भवन नहीं बनेगा। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से लेआउट की मंजूरी की गई कापी के आधार पर ही जमीन की रजिस्ट्री होगी। इसके बाद ही मकान बनाने का काम शुरू हो सकेगा। इससे न सिर्फ कॉलोनियों के नाम पर भूखंड वालों पर अंकुश लगेगा, बल्कि सीधे जमीन खरीदने वाले ठगी के शिकार होने से बच सकेंगे।
पहले भी बिना ले-आउट के रजिस्ट्री का प्रावधान नहीं था, लेकिन कुछ लोग रजिस्ट्री कार्यालय में गलत जानकारी देकर रजिस्ट्री करा लेते थे। अब शासन की नई गाइडलाइन से इस प्रकार की खरीदी बिक्री पर रोक लगेगी। इस आदेश के लागू होने पर अपनी जमा पूंजी खर्च कर घर बनाने का सपना देखने या निवेश करने वालों के साथ धोखाधड़ी करना आसान नहीं रहेगा।
नए नियम से लोगों को होगा फायदा
ले-आउट की मंजूरी कराए बिना अवैध भूखंड करने वाले लोग जमीन को कम रेट में बेंच देते थे। कम कीमत पर जमीन खरीदने वाले अधिकांश लोगों को यह पता नहीं रहता है कि जमीन वैध है या अवैध। नगरीय निकाय बिना लेआउट मंजूर कराई गई जमीन पर मकान बनाने की अनुमति नहीं देता। मकान बनाने के लिए नगरीय निकाय के चक्कर काटने पर लोगों को गलती का पता चलता था। नए नियम से आम लोगों को कोलोनाइजरों की ठगी से राहत मिल जाएगी।
मंजूरी कराने अब छोड़ना होगा 55 फीसदी जमीन
जमीन को मकान के लिए बिक्री करने पर टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से लेआउट मंजूरी करानी जरूरी है। मंजूरी के लिए सड़क, नाली, गार्डन के लिए 55 प्रतिशत जमीन रिजर्व रखनी पड़ती है। बाकी बची 45 प्रतिशत जमीन पर ही प्लाटिंग करके बेचा जा सकता है। जबकि कालोनाइजर 15 प्रतिशत भूखंड छोड़कर प्लाटिंग कर देते हैं।
हसनपुर तहसील क्षेत्र में हो रही अवैध भूखंड की जांच कराकर सूची बनवाई गई है। जल्द अवैध भूखंडों पर कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में भी प्रशासन द्वारा कई भूखंड ध्वस्त कराए गए।– सुधीर कुमार, उपजिलाधिकारी, हसनपुर
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