बरेली: कोई सड़क निर्माण तो कोई आयुष्मान के लिए लगा रहा दौड़
बरेली, अमृत विचार बरेली। चौकी, थाने, ब्लॉक, तहसील स्तर पर भले ही जनता की समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्था की गई हो, लेकिन इसके बाद भी लोगाें को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सरकारी तंत्र की उदासीनता और मनमानी से परेशान होकर फरियादी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर इंसाफ के लिए गुहार लगा …
बरेली, अमृत विचार बरेली। चौकी, थाने, ब्लॉक, तहसील स्तर पर भले ही जनता की समस्याओं के समाधान के लिए व्यवस्था की गई हो, लेकिन इसके बाद भी लोगाें को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सरकारी तंत्र की उदासीनता और मनमानी से परेशान होकर फरियादी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर इंसाफ के लिए गुहार लगा रहे हैं मगर सुनवाई नहीं हो रही है। वह आते तो मदद की आस लेकर मगर जाते हैं निराशा साथ लेकर।
शनिवार को भी संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों की अलग-अलग समस्याएं थीं। कोई एक साल से दौड़ रहा है तो कोई एक ही समस्या के निदान के लिए कई बार समाधान दिवस में आ चुका है, लेकिन समस्या जस की तस है। शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन जिले की तहसीलों में किया गया। डीएम शिवाकांत द्विवेदी, एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज की अध्यक्षता में सदर तहसील में समाधान दिवस चल रहा था।
दोपहर के करीब 1 बज रहे थे, इस बीच अमृत विचार की टीम पहुंची। फरियादी डीएम-एसएसपी से इंसाफ की गुहार लगा रहे थे। अफसर पीड़ितों की समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण के आदेश संबंधित अफसरों को दे रहे थे। यह सिलसिला दोपहर 2 बजे तक चला। इसी बीच डीएम-एसपी से फरियाद लगाने के बाद कई पीड़ितों ने अमृत विचार की टीम से मिलकर अपना दर्द बयां किया।
बोले कि, एक ही समस्या के लिए कई बार दौड़ लगा चुका हूं, लेकिन अभी समस्या का समाधान नहीं हुआ। कोई कब्जे से परेशान था तो किसी का आयुष्मान का कार्ड नहीं बना था, इसको लेकर वह व्यवस्था को कोस रहा था। हर किसी की आंखों में आंसू थे…. दिल में दर्द था…मन में टीस थी। बोले कि उनकी कोई सुनता नहीं है। डीएम-एसएसपी से मदद की गुहार लगाने के बाद उन्हें उम्मीद जगी है कि उनके साथ न्याय होगा।
केस-1
शांति बिहार मोहल्ले के निवासी लालराम संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत लेकर पहुंचे थे। बताया कि संदीप सक्सेना के घर से लेकर 60 मीटर लंबी और 12 फिट चौड़ी सड़क कच्ची है। इसको लेकर बारिश में बहुत दिक्कत होती है। आवागमन में समस्या हो रही है। बताया कि इसको लेकर 4 दिसंबर 2021 को शिकायती पत्र प्रभारी अधिकारी को संपूर्ण समाधान दिवस में दिया था। नगर आयुक्त को भी पत्र सौंपा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब डीएम से गुहार लगाई है।
केस-2
चांदपुर बिचपरी गांव की सुनीता कश्यप संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंची थी। उनके साथ में कई महिलाएं, पुरुष और भी थे। सभी की एक पीड़ा थी। बोले कि, 9 मई 2022 को 100 घरों को बरेली विकास प्राधिकरण की ओर से तोड़ दिया गया। वे लोग कई सालों से वहां पर रहते हैं। अब रहने की जगह नहीं है। सभी लोग जाएं तो कहां जाए। कोई सुनने वाला नहीं है। सुनीता ने कहा कि मदद की आस लेकर हम लोग यहां आए हैं।
केस-3
क्यारा ब्लॉक के करगैना गांव की साबरी ने बताया कि उनके पति की मौत 15 साल पहले हो चुकी है। एक बेटा है। वह भी बहुत बीमार है। आयुष्मान कार्ड तक नहीं बना है। बीपीएल कार्ड भी नहीं है। इसको लेकर स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से मिली, लेकिन किसी ने नहीं सुना। डॉक्टर ने बेटे को तीन ऑपरेशन बताए हैं। लाखों का खर्चा है। बेटा ही मजदूरी करता है, जिससे घर का खर्च चलता था। अब वह बीमार है। कैसे घर का खर्च चले और बेटे का इलाज हो। आयुष्मान कार्ड तक नहीं बना है।
केस-4
परसौना गांव के मैसर अली संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे थे। बताया कि वह अपने हिस्से की जमीन पर निर्माण कार्य करा रहे थे, लेकिन दूसरे पक्ष के लोग करने नहीं दे रहे हैं। समस्या को लेकर चौकी, थाने भी गए, लेकिन कोई समाधान नहीं होने पर डीएम-एसएसपी के पास आया हूं। बताया कि अपनी बात अफसरों के सामने रखी है। उन्होंने मदद का आश्वासन दिया है।
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