उत्तराखंड: खिमलोगा ग्लेशियर में गिरने से बंगाल के ट्रेकर की मौत, एक गंभीर घायल, इस वजह से हो गया मुकदमा दर्ज

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देहरादून, अमृत विचार। गोविंद वन्यजीव राष्ट्रीय पार्क से खिमलोगा दर्रा होते हुए छितकुल की ट्रैकिंग पर गए बंगाल के एक ट्रेकर की खिमलोगा ग्लेशियर (5600 मीटर) में गिरने से मौत हो गई है। जबकि एक ट्रेकर गंभीर रूप से घायल है। जो खिमलोगा के निकट ही तीन पोर्टरों के साथ कैंप में ठहरा हुआ है। …

देहरादून, अमृत विचार। गोविंद वन्यजीव राष्ट्रीय पार्क से खिमलोगा दर्रा होते हुए छितकुल की ट्रैकिंग पर गए बंगाल के एक ट्रेकर की खिमलोगा ग्लेशियर (5600 मीटर) में गिरने से मौत हो गई है। जबकि एक ट्रेकर गंभीर रूप से घायल है। जो खिमलोगा के निकट ही तीन पोर्टरों के साथ कैंप में ठहरा हुआ है। जबकि एक ट्रेकर और तीन पोर्टर हिमाचल प्रदेश के छितकुल स्थित भारत तिब्बत सीमा पुलिस के कैंप में शनिवार की देर रात को पहुंचे। घायल ट्रेकर को रेस्क्यू करने के लिए रविवार को छितकुल से आइटीबीपी की टीम रवाना हो गई है।

गोविंद वन्यजीव राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में आने वाले मोरी ब्लाक के लिवाड़ी गांव के प्रधान राजेश कुमार बताया कि कि एक सितंबर 2022 को बंगाल के तीन ट्रेकरों और छह पोर्टर लिवाड़ी गांव से खिमलोगा-छितकुल ट्रैक के लिए रवाना हुए। शनिवार की शाम करीब चार बजे बंगाल निवासी ट्रेकर सुजोय दुबे (42) की खमिलोगा ग्लेशियर में गिरने से मौत हो गई जबकि ट्रेकर सुब्रतो विश्वास (49) गंभीर रूप से घायल हुआ है। चलने में असमर्थ होने के कारण ग्लेशियर के निकट ही तीन पोर्टरों कैंप लगा है। जबकि तीसरा ट्रेकर नरोत्तम ज्ञान (50) और तीन अन्य पोर्टर छितकुल पहुंच चुके हैं। इस ट्रैकिंग दल में सभी पोर्टर मोरी के लिवाड़ी गांव निवासी हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल ने बताया कि बिना अनुमति के ट्रैकिंग पर गए एक बंगाल के ट्रेकर की मौत और एक घायल हुआ है। उन्होंने बताया कि गोविंद वन्यजीव राष्ट्रीय पार्क की ओर से संबंधित ट्रैकिंग एजेंसी, पोर्टर व ट्रेकर के विरुद्ध बिना अनुमति के पार्क क्षेत्र में ट्रैकिंग पर जाने का मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अक्टूबर 2021 में हर्षिल लम्खागा छितकुल ट्रैक पर बंगाल के सात ट्रेकरों सहित नौ की मौत हुई थी।

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