हल्द्वानी: डेढ़ साल तक टहलाती रही पुलिस, सीएम के आदेश पर भैंस चोरी का केस
हल्द्वानी, अमृत विचार। चोरी के मामलों में पुलिस किस कदर पीड़ित को टहलाती है, इसकी बानगी मंडी चौकी क्षेत्र में हुई भैंस चोरी के मामले में देखने को मिली। डेढ़ साल तक पीड़ित पुलिस के चक्कर काटता रहा। पुलिस कभी चोरों को पकड़ने का दावा करती तो कभी कहती कि भैंस कट गई। पीड़ित परेशान …
हल्द्वानी, अमृत विचार। चोरी के मामलों में पुलिस किस कदर पीड़ित को टहलाती है, इसकी बानगी मंडी चौकी क्षेत्र में हुई भैंस चोरी के मामले में देखने को मिली। डेढ़ साल तक पीड़ित पुलिस के चक्कर काटता रहा। पुलिस कभी चोरों को पकड़ने का दावा करती तो कभी कहती कि भैंस कट गई। पीड़ित परेशान हुआ तो प्रदेश के मुख्यमंत्री से गुहार लगाई। मुख्यमंत्री के दखल के बाद आखिरकार डेढ़ साल बाद पुलिस ने भैंस चोरी का केस दर्ज कर लिया।
हाथीखाल, अर्जुनपुर गोरापड़ाव बरेली रोड निवासी खष्टी देवी पत्नी स्व. दयाकिशन पन्त यहां अपने बेटे हरीश, केदार व बहू के साथ रहती हैं। हरीश की मानें तो बीते वर्ष 21 जनवरी की रात गौशाला में बंधी दो भैंसे चोरी हो गईं। अगले दिन वह शिकायत लेकर मंडी चौकी पहुंचे और तत्कालीन चौकी प्रभारी विजय पाल से शिकायत की। फिर वह शिकायत लेकर सीओ और डीआईजी के पास पहुंचे। चूंकि मामला कोतवाली की मंडी चौकी क्षेत्र का था तो उन्हें वहीं भेज दिया।
मंडी चौकी पुलिस ने पीड़ित से कभी यह कहा कि आरोपियों की पहचान कर ली गई और उन्हें गिरफ्तार कर लेंगे, तुम अगले दिन आना। अगले दिन पता लगता है कि आरोपी के पास कुछ नहीं मिला और भैंस को किच्छा में कटवा दिया गया। अब भैंस तो नहीं मिलेगी, लेकिन वह हर्जाना दिला देंगे। हालांकि हुआ कुछ नहीं और पुलिस डेढ़ साल तक पीड़ित को टहलाती रही।
इसी वर्ष चार जुलाई को पीड़ित ने अखबार में एक खबर पढ़ी। लिखा था कि पुलिस ना सुने तो इस नंबर पर व्हाट्सएप करें। ये नंबर मुख्यमंत्री कार्यालय का था। पीड़ित ने साक्ष्य के साथ पूरा मामला व्हाट्सएप कर दिया। जिसके बाद भैंस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
घटना स्थल से मिला था पर्स, टोपी और विजिटिंग कार्ड
हरीश पंत ने बताया कि घटना की अगली सुबह जहां से भैंसों को ले जाया गया था, वहां से उन्हें एक पर्स, एक विजिटिंग कार्ड और एक टोपी मिली थी, जिसे उन्होंने पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। इसी सुबूत को हरीश ने मुख्यमंत्री कार्यालय के व्हाट्सएप नंबर पर भेजा था। अगले ही दिन मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत दर्ज होने की जानकारी व्हाट्सएप पर भेज दी गई। हरीश का कहना है कि उसे केस से क्या मिलेगा। उसकी भैंसे दूध देने वाली थीं और उसे तो एक ही दूध देने वाली भैंस मिल जाए तो अच्छा है।
चौकी इंजार्च पर ले-देकर मामला निपटाने का आरोप
हरीश पंत ने तत्कालीन चौकी प्रभारी विजय पाल पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। कहा, पुलिस ने भैंच चोरी करने वाले की शिनाख्त कर ली थी और अगले दिन पकड़ लाने का दावा भी किया। अगले दिन जब वह चौकी पहुंचे तो कहा गया कि भैंस किच्छा में कट गई है। पुलिस ने यह भी दवाब बनाया कि केस न कराया जाए। उन्हें पुलिस का रवैया देखकर लगा कि तत्कालीन चौकी प्रभारी ने आरोपी से ले-देकर मामला रफा-दफा कर दिया है। पुलिस ने पीड़ित को 25 हजार देने का प्रलोभन भी दिया।
