Britain New PM : ब्रिटेन की तीसरी महिला प्रधानमंत्री बनीं लिज ट्रस, भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हराया
लंदन। यूके की विदेश मंत्री लिस ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री चुनी की गई हैं। उन्होंने भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हरा दिया। वह बोरिस जॉनसन की जगह लेंगी। लिज ट्रस को 81,326 वोट और ऋषि सुनक को 60,399 वोट मिले हैं। लिज ट्रस तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उनके पहले मार्गरेट थैचर और थेरेसा …
लंदन। यूके की विदेश मंत्री लिस ट्रस ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री चुनी की गई हैं। उन्होंने भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हरा दिया। वह बोरिस जॉनसन की जगह लेंगी। लिज ट्रस को 81,326 वोट और ऋषि सुनक को 60,399 वोट मिले हैं। लिज ट्रस तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। उनके पहले मार्गरेट थैचर और थेरेसा मे इस पर रह चुकी हैं। लिज मार्गरेट थैचर को अपना आदर्श मानती हैं। दरअसल, लिज ट्रस मंगलवार को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगी।
1.60 लाख सदस्यों ने की वोटिंग
आपको बता दें कि सात जुलाई को बोरिस जॉनसन ने पार्टी नेता पद से इस्तीफा दिया था। उसके बाद कंजर्वेटिव पार्टी में उनका मुकाबला भारतीय मूल के ऋषि सुनक से था। पार्टी के करीब 1.60 लाख सदस्यों ने वोटिंग की।
सरकार को सहयोग करेंगे- ऋषि सुनक
चुनाव नतीजों से पहले ऋषि सुनक ने रविवार को कहा था कि अगर वह प्रधानमंत्री की दौड़ में लिज ट्रस से हार जाते हैं तो वह सांसद बने रहेंगे और अपने संसदीय क्षेत्र के लिए काम करना जारी रखेंगे। बता दें कि सुनक यॉर्कशायर के रिचमंड से सांसद हैं। परिणाम घोषित होने से पहले ऋषि सुनक से जब उनकी भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं कंजर्वेटिव सरकार का हर तरह से सहयोग करने के प्रति आशान्वित हूं।
लिज ट्रस ने राजशाही का खुलकर किया था विरोध
47 साल की लिज ट्रस का पूरा नाम एलिजाबेथ मैरी ट्रस है। 1975 में ऑक्सफोर्ड में उनका जन्म हुआ। सरकारी स्कूल में पढ़ीं ट्रस के पिता गणित के प्रोफेसर और मां एक नर्स थीं। लिज ट्रस ने ऑक्सफोर्ड से दर्शन, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अकाउंटेंट के रूप में भी काम किया। इसके बाद वह राजनीति में आ गईं। लिज ट्रस ने 1994 में ब्रिटेन की राजशाही का खुले तौर पर विरोध किया था। लिज ट्रस ने सबसे पहला चुनाव पार्षद का जीता था। ट्रस का परिवार लेबर पार्टी का समर्थक था, लेकिन ट्रस को लेबर पार्टी की विचारधारा के उलट, कंजरवेटिव पार्टी की विचारधारा पसंद आई।
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