राकांपा: एमएलसी नामित करने से जुड़ी एमवीए की सूची वापस करने को लेकर शिंदे सरकार पर साधा निशाना
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित करने के लिए महा विकास आघाड़ी की ओर से की गयी 12 नामों की सिफारिश को वापस लेने का फैसला सत्ताधारी खेमे में और अधिक …
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को दावा किया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने राज्यपाल कोटे के तहत विधान परिषद सदस्य के रूप में नामित करने के लिए महा विकास आघाड़ी की ओर से की गयी 12 नामों की सिफारिश को वापस लेने का फैसला सत्ताधारी खेमे में और अधिक नेताओं को लुभाने के लिए की है।
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार ने दो साल पहले विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) के रूप में नामांकन के लिए 12 नामों की सिफारिश की थी, लेकिन राज्यपाल बी एस कोश्यारी ने कभी उस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। उन 12 नामों में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हुईं अभिनेत्री उर्मिला मांतोडकर का नाम भी शामिल था।
एक अधिकारी ने रविवार को कहा कि शिंदे सरकार ने एमवीए की सिफारिश को वापस लेने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा जिसके बाद कोश्यारी ने नयी सरकार के फैसले को स्वीकार कर लिया। शिंदे सरकार ने राज्यपाल से कहा कि उन्हें जल्द ही नामांकन की नयी सूची से अवगत कराया जाएगा।
राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने सोमवार को कहा कि शिंदे सरकार की संवैधानिक वैधता सवालों के घेरे में है और इस पर उच्चतम न्यायालय के फैसले का इंतजार है।” महेश तापसे ने कहा कि पिछली एमवीए सरकार द्वारा अनुशंसित नामों को रद्द करने का निर्णय भारतीय जनता पार्टी-शिंदे खेमे में अधिक नेताओं को लुभाने का एक तरीका है।
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