लखनऊ : आवासीय नक्शे पर खड़ा कर दिया लग्जरी होटल

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अमृत विचार, लखनऊ। लेवाना सूइट्स होटल के निर्माण और संचालन ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के साथ अग्निशमन विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। प्राधिकरण से करीब दो किमी की दूरी पर मदन मोहन मालवीय मार्ग पर संचालित यह होटल व्यवसायिक की बजाय आवासीय मानचित्र लेकर बनाया गया था, जहां काफी समय …

अमृत विचार, लखनऊ। लेवाना सूइट्स होटल के निर्माण और संचालन ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के साथ अग्निशमन विभाग को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। प्राधिकरण से करीब दो किमी की दूरी पर मदन मोहन मालवीय मार्ग पर संचालित यह होटल व्यवसायिक की बजाय आवासीय मानचित्र लेकर बनाया गया था, जहां काफी समय पहले बीएसएनएल का दफ्तर था। इसे पीके भवन के नाम से जाना जाता था।

यह क्षेत्र भी आवासीय है। पूर्व में अधिकारियों की साठगांठ से पीके भवन होटल में तब्दील हो गया। इसके बाद भी प्राधिकरण अवैध निर्माण पर कार्रवाई करने के बजाय फायर एनओसी में उलझा रहा, जहां आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। आकस्मिक स्थिति में भागने की व्यवस्था नहीं थी। इसके बाद भी अग्निशमन विभाग ने फायर एनओसी जारी कर नवीनीकरण करता रहा।

बिना मानचित्र कैसे जारी हुआ पूर्णत: प्रमाण पत्र

होटल, रेस्टोरेंट, मॉल आदि व्यवसायिक भवन बनाने के लिए विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना होता है। मानचित्र पास होने पर उसी आधार पर निर्माण होता है। निर्माण पूरा होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से विशेष तौर पर आग से बचाव के इंतजाम जैसे एक्जिट द्वारा, पीछे की तरफ जीना, परिसर में जगह-जगह अग्निशमन यंत्र व फायर हाईड्रेंट प्वाइंट बनाने होते हैं। इसी आधार पर प्राधिकरण के तकनीकी अधिकारी निर्माण की जांच कर सभी मानक पूरे होने पर पूर्णत: प्रमाण (कम्पलीशन सर्टिफिकेट) जारी करता है। यह प्रमाण-पत्र मिलने पर भवन के उपयोग की स्वीकृति दे दी जाती है।

गोमतीनगर की घटना पर मिला था नोटिस

इसी साल अप्रैल माह में गोमतीनगर स्थित ग्रैंड सेवी होटल में आग लगी थी, जिसे गंभीरता से लेकर तत्कालीन एलडीए वीसी अक्षय त्रिपाठी ने शहर के सभी बड़े-छोटे होटल संचालकों को नोटिस जारी कर जांच कराई थी, जिसमें होटल लिवाना में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं मिले थे। इसके बाद भी अग्निशमन विभाग की तरफ से 2024 तक एनओसी का नवीनीकरण होना पाया था, लेकिन कार्रवाई के लिए सख्त कदम नहीं उठाए गए। इससे अग्निशमन विभाग के साथ प्राधिकरण पर प्रश्न चिह्न लग गए हैं।

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