बहराइच: मंत्रियों के सामने इलाज के लिए फर्श पर तड़पता रहा मरीज, मौके से गायब हुए डॉक्टर

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बहराइच, अमृत विचार। धरती के भगवान अब कितना संवेदनहीन होते जा रहे हैं, इसका उदाहरण बुधवार को मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला। प्रदेश सरकार के दो राज्यमंत्री जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। मंत्रियों ने मरीज को फर्श पर लेटा देखा। इस पर इलाज के निर्देश दिए। मंत्री के जाते ही डॉक्टर भी वहां …

बहराइच, अमृत विचार। धरती के भगवान अब कितना संवेदनहीन होते जा रहे हैं, इसका उदाहरण बुधवार को मेडिकल कॉलेज में देखने को मिला। प्रदेश सरकार के दो राज्यमंत्री जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। मंत्रियों ने मरीज को फर्श पर लेटा देखा। इस पर इलाज के निर्देश दिए। मंत्री के जाते ही डॉक्टर भी वहां से चले गए और मरीज तड़पता रहा। अस्पताल के चिकित्सक पूरी तरह से संवेदनहीन बने रहे। वहीं अस्पताल में सबकुछ बेहतर दिखाने के लिए पत्रकारों को बाहर ही रोक दिया गया। किसी को अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे पत्रकारों में नाराजगी दिखी।

सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही जिला अस्पताल व मेडिकल कॉलेज में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की बात कह रहे हो, लेकिन बहराइच मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल का दौरा करने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह व बलदेव सिंह औलख को कुछ अलग ही मजरा देखने को मिला। जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मंत्रियों को जमीन पर लेटा मरीज दिखा। इस पर मंत्री फर्श पर मरीज को देखकर बिफर पड़े। उन्होंने तुरंत मरीज के इलाज करने की बात कही।

वही मंत्री के जाते ही वहाँ से डॉक्टर भी गायब हो गए। ऐसे में धरती के भगवान की संवेदनहीनता को समझा जा सकता है। मरीज के साथ मौजूद महिला ने बताया कि उसके पति के पैर में परेशानी है। वह पड़ोसी जनपद श्रावस्ती के लंगड़ी गूलर गांव से बहराइच अस्पताल में इलाज कराने आयी है। काफी समय बीत जाने के बाद भी उसके पति को किसी डॉक्टर ने नही देखा। इसी दौरान जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे मंत्री की नज़र जमीन पर पड़े मरीज पर पड़ी जिसपर तुरंत बेहतर इलाज की बात कही, मगर मंत्री जी के बातों को भी जिला अस्पताल के डॉक्टर दरकिनार करते नज़र आये, इसी से सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को कितनी बेहतर सुविधा मिलती होगी। मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया। साथ ही सुविधाएं और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

पत्रकारों को बाहर ही रोका
जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान सभी पत्रकारों को सीएमएस कार्यालय के सामने ही रोक दिया गया। साथ ही किसी पत्रकार को अंदर नहीं जाने दिया गया। इससे पत्रकारों में नाराजगी दिखी। इसको लेकर एक पत्रकार और वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ से वार्तालाप भी हुई। हालांकि पत्रकारों को रोककर अस्पताल की कमियों को छिपाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन मौके पर तब भी फर्श पर मरीज तड़पता मिल गया।

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