गुरुजी के भगीरथ प्रयास से संभल के प्राथमिक स्कूल ने रचा इतिहास

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आशुतोष मिश्र, अमृत विचार। साल 2015 में केतन मेहता द्वारा निर्मित फिल्म द- माउंटेन मैन (दशरथ माझी) की दृढ़ इच्छाशक्ति व अथक प्रयास अब भी लोगों के जेहन में चस्पा है। जबकि शिक्षक कपिल मलिक भी ऐसे ही हुनर व हौसले के मालिक हैं। तैनाती के आरंभिक दिनों में मिले ताने ने गुरुजी के दिल …

आशुतोष मिश्र, अमृत विचार। साल 2015 में केतन मेहता द्वारा निर्मित फिल्म द- माउंटेन मैन (दशरथ माझी) की दृढ़ इच्छाशक्ति व अथक प्रयास अब भी लोगों के जेहन में चस्पा है। जबकि शिक्षक कपिल मलिक भी ऐसे ही हुनर व हौसले के मालिक हैं। तैनाती के आरंभिक दिनों में मिले ताने ने गुरुजी के दिल में जुनून भर दिया। इसलिए कर्मभूमि (विद्यालय) को वह देश के पटल पर स्थापित करने में जुटे गए। इनके भगीरथ प्रयास का प्रतिफल रहा कि संभल का विद्यालय इतिहास रच चुका है। जिला संभल के असमोली क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय अनगिनत रिकार्ड का समुच्चय बन चुका है। यह विद्यालय 1961 खुला था।

संभल के असमोली क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय

लोधीपुर राजपूत के मूल निवासी कपिल मलिक वर्ष 2010 में इटायला माफी प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हुए। ऐसा लगता है कि कपिल कीर्तिमान रचने के लिए ही बने हैं। अमृत विचार से बातचीत में विद्यालय को अव्वल बनाने वाले कपिल इस मुहिम की आरंभिक कहानी से पर्दा उठाते हैं। कहते हैं कि तब विद्यालय के वरिष्ठों ने मेरे काम को देखकर ताना देना शुरू कर दिया कि अभी नया है। धीरे-धीरे इसका भी जोश भी ठंड़ा पड़ जाएगा। बस, यही बात मेरे मन में चुभ गई। तभी हमने ठान लिया कि विद्यालय को ऐसा बनाउंगा जैसा कोई दूसरा न हो। इसके बाद अपनी जमां पूजी का उपयोग शुरू किया। साल 2015 में विद्यालय के कायाकल्प का प्रयास शुरू किया और छह माह बाद का रूप सभी के सामने है।

मुहिम में कपिल ने करीब सत्रह लाख रुपये खर्च किए हैं। अब परिसर में पेड़ पौधे, हर कक्षा में स्मार्ट स्क्रीन बोर्ड, सीसीटीवी, विज्ञान की प्रयोगशाला और कम्पयूटर लैब है। प्रोजेक्टर और थ्री-डी पिक्चर्स से शिक्षा दी जाती है। दोपहर के बाद बच्चों को प्रैक्टिकल कराया जाता है। परिसर सुंदर हरे-भरे लॉन से संवरा हुआ है। हर कक्षा में स्पीकर लगे हुए हैं, जिसके जरिए शिक्षक बच्चों से किसी भी क्लास से संपर्क कर सकते हैं। स्कूल के सभी बच्चे ड्रेस, आइ-कार्ड, टाई-बेल्ट संग तैयार होकर आते हैं। विद्यार्थियों के जरूरत के सामान कपिल स्वयं देते हैं। सोलर पैनर से भी बिजली का प्रबंध है, जिससे पंखे व स्मार्ट टीवी चलती है।

शिक्षक कपिल मलिक

कपिल को मिले पुरस्कार

  • 2019 -राज्य शिक्षक
  • 2017-स्वच्छता
  • 2015-उत्कृष्ट

दो छात्राएं नवोदय के लिए चयनित

प्रधानाध्यापक का स्कूल में छात्र-छात्राओं को पढ़ाई पर हम जोर रहता हैं। नतीजा है कि इस वर्ष पांचवी तक पढ़ाई करने के बाद छात्रा इलमा व जैनब ने छठवीं में नामांकन के लिए नवोदय विद्यालय की परीक्षा उत्तीर्ण की है। दोनों छात्राओं के चयन से विद्यालय गौरवान्वित है।

असमोली क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय

इंग्लिश का उपयोग भी करते हैं बच्चे

विद्यालय के बच्चे अंग्रेजी में भी बात करते हैं। अपने अभिभावकों, क्षेत्र के लोगों को स्कूल से आते-जाते समय गुड मार्निग, गुड आफ्टर नून, गुड इवनिंग बोलते हैं।

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