बरेली: डिस्टेंस एजुकेशन से होगी सोशल डिस्टेंसिंग
बरेली, अमृत विचार। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन के कारण शैक्षणिक कार्य फिलहाल पूरी तरह बंद हैं जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। कई जगह ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है लेकिन लॉकडाउन ने दूरस्थ्य शिक्षा के मौकों को प्रबल किया है। इस पूरी परिस्थिति पर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्याल …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन के कारण शैक्षणिक कार्य फिलहाल पूरी तरह बंद हैं जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ा है। कई जगह ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही है लेकिन लॉकडाउन ने दूरस्थ्य शिक्षा के मौकों को प्रबल किया है।
इस पूरी परिस्थिति पर राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्याल प्रयागराज के क्षेत्रीय समन्वयक डॉक्टर आर.बी. सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय में दाखिले शुरू हो चुके हैं। कुछ समय पहले यूजीसी ने एक कमेटी बैठाई थी जिसमें ये प्रस्ताव दिया गया था कि कोई भी छात्र एक साथ दो डिग्री हासिल कर सकता है, हालांकि अभी इस कमेटी की अंतिम रिपोर्ट नहीं आई है लेकिन लॉक डाउन के कारण अगर रेगुलर कोर्सेज के छात्रों की पढ़ाई पर असर पड़ा है तो वो चाहें तो उनके आगे डिस्टेंस एजुकेशन एक बेहतर विकल्प हो सकता है, लिहाजा छात्र चाहें तो दाखिला ले सकते हैं।
अचानक लगे लॉकडाउन की वजह से रूकी हुई परीक्षाओं के बारे में उनका कहना है कि यह एक चुनौतीपूर्ण काम है जैसे-जैसे लॉकडाउन खुलेगा वैसे-वैसे परीक्षाओं को कराना और दूसरी प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है। बरेली सेंटर पर अधिन्यास जमा करने के बारे में उन्होंने कहा कि छात्रों को कोरियर के जरिए अधिन्यास जमा करने की सुविधा दी गई है, या फिर छात्र सेंटर पर भी अधिन्यास जमा कर सकते हैं।
यूनिवर्सिटी में शैक्षणिक कार्य शुरू होने पर उन्होंने कहा कि उनके रीजन में अभी तक तकरीबन 200 अधिन्यास जमा हो चुके हैं। शिक्षक ऑनलाइन क्लासेज भी ले रहे हैं। नए कोर्सेज के सवाल पर डॉक्टर आर.बी.सिंह ने कहा कि योगा के सर्टिफिकेट कोर्स में छात्र अच्छी खासी संख्या में प्रवेश ले रहे हैं। छात्रों को आने वाली दिक्कतों को दूर किया जा रहा है। छात्रों तक डाक के जरिए किताबें समय से पहुंच रही हैं, व्यवस्था में पहले से ज्यादा सुधार किया गया है।
