Video: ‘थारा फूफा अभी जिंदा है…’, कागजों में मर चुके 102 साल के बुजुर्ग ने न‍िकाली अनोखी बारात

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Edited By Amrit Vichar
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रोहतक। रोहतक (हरियाणा) में मृत घोषित बुज़ुर्ग ने खुद को ज़िंदा साबित करने के लिए अपनी बारात निकाली। 102-वर्षीय बुज़ुर्ग दूल्हे के भेष में रथ पर बैठकर बैंड बाजे के साथ अधिकारियों से मिलने पहुंचे और इस दौरान एक तख्ती पर लिखा था, थारा फूफा अभी जिंदा है। बकौल शख्स, उनकी पेंशन मार्च-2022 में बंद …

रोहतक। रोहतक (हरियाणा) में मृत घोषित बुज़ुर्ग ने खुद को ज़िंदा साबित करने के लिए अपनी बारात निकाली। 102-वर्षीय बुज़ुर्ग दूल्हे के भेष में रथ पर बैठकर बैंड बाजे के साथ अधिकारियों से मिलने पहुंचे और इस दौरान एक तख्ती पर लिखा था, थारा फूफा अभी जिंदा है। बकौल शख्स, उनकी पेंशन मार्च-2022 में बंद कर दी गई थी।

हरियाणा के रोहतक जिले के गांव गांधरा में 102 साल के दुली चंद को आधिकारिक रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। ये सब इसलिए किया गया ताकि उनकी पेंशन को रोक दिया जाए। इसके बाद दुली चंद ने सार्वजनिक रूप से बुधवार को राज्य सरकार के फैसले का विरोध कर उनकी पेंशन बहाल करने की अपील की। वो खुद को जिंदा साबित करने के लिए मीडिया के सामने आए और फिर अपने समर्थकों के साथ जुलूस निकाला।

102 साल के बुजुर्ग दुली चंद ने खुद को जिंदा साबित करने के लिए मीडिया के सामने पेश हुए और बाद में रथ पर सवार होकर रेस्ट हाउस पहुंचे। रथ पर उनके साथ एक शख्स बैठा था, जिसने अपने हाथ में एक पोस्टर पकड़ा था। पोस्टर में लिखा है, थारा फूफा अभी जिंदा है (102 साल)। इसके अलावा उन्होंने अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, फैमिली आईडी, बैंक स्टेटमेंट सहित पहचान प्रमाण सब मीडिया के सामने पेश किया।

दुली चंद ने कहा कि मुझे अपनी आखिरी वृद्धावस्था पेंशन मार्च में मिली थी। उसके बाद से पेंशन रोक दी गई क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में मैं मर गया हूं। तब से मैं यह साबित करने की कोशिश कर रहा हूं कि मैं जिंदा हूं, लेकिन अधिकारी मेरी बात नहीं सुनते हैं।दुली चंद के पोते ने बताया कि उन्होंने बहुत पहले हरियाणा के मुख्यमंत्री शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

रथ जुलूस के दौरान दुली चंद के साथ आम आदमी पार्टी की हरियाणा इकाई के पूर्व अध्यक्ष नवीन जयहिंद भी मौजूद थे। मीडिया से बातचीत के दौरान नवीन जयहिंद ने सरकार से मांग की कि बुजुर्ग की वृद्धावस्था पेंशन तुरंत बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे बुजुर्ग निवासियों को उनकी पेंशन रोककर परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

दुली चंद के रेस्ट हाउस पहुंचने के बाद पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने बुजुर्ग को समस्या का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया। साथ ही मामले की जांच और कागजों में मृतक घोषित करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

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