मार्फीन के नशे में बर्बाद हो रहा है बाराबंकी के युवा, यहां सजती है महफिल

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बनीकोडर/बाराबंकी। जैदपुर बाराबंकी के बाद अब रामसनेहीघाट नशे के कारोबारियों का नया अड्डा बन रहा है।-होटल, ढाबे, नदी और नालों के किनारे नशे बाजो की महफिल सजती है। इनका शिकार सबसे अधिक छात्र और छात्राएं हो रही हैं। पिछले दिनों बाराबंकी और लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में जब इन कारोबारियों पर दबाव बढ़ा तो …

बनीकोडर/बाराबंकी। जैदपुर बाराबंकी के बाद अब रामसनेहीघाट नशे के कारोबारियों का नया अड्डा बन रहा है।-होटल, ढाबे, नदी और नालों के किनारे नशे बाजो की महफिल सजती है। इनका शिकार सबसे अधिक छात्र और छात्राएं हो रही हैं। पिछले दिनों बाराबंकी और लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में जब इन कारोबारियों पर दबाव बढ़ा तो इन्होंने रामसनेहीघाट को अपना अड्डा बना लिया।

हालत यह है कि यहां के युवा वर्ग को नशे की ऐसी लत लग चुकी है कि वह इसके लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। यही कारण है कि चोरी राजनी और लूट की वारदातें भी बढ़ रही हैं। क्षेत्रीय युवा वर्ग है। जिन्हें इसकी ऐसी लत लगी है कि वो नशा के लिए कुछ भी कर रहे हैं। शराब तो आम बात है, अब नशे के लिए नशीली दवा का उपयोग किया जा रहा है।

कोटवा सड़क में नशे के सौदागरों में दिनों दिन मजबूत होता जा रहा है। इस गिरोह के निशाने पर जिले के ही नहीं आसपास के जिले के युवा वर्ग, नशे की लत युवाओं के शरीर को खोखला कर उनके भविष्य को अंधकार में धकेल तो रहे हैन, साथ ही अपराध का ग्राफ भी बढ़ा रही है।

जानकारों का मानना है कि छेत्र के जब तक बड़े तस्करो पर कार्य वाही नही की जाएगी तब तक इसी तरह से मार्फीन का धंधा फलता फूलता रहेगा।लोगो का कहना है कि जिस तरह रामसनेहीघाट पुलिस ने बीते कई वर्षो से कोटवा सड़क से अवैध शराब धंधा बंद करवाया गया था उसी तरह से कार्यवाही करके इस मार्फीन के धंधे बंद किया जा सकता है।

कोतवाली रामसनेहीघाट में तैनात पुलिसकर्मियों की मनमानी का आलम यह है कि विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों की बिक्री बेरोकटोक जारी है। मजेदार बात यह है कि अगर कहीं पर छापामारी की जाती है तो किसी भी स्थान पर छापेमारी करने से पहले ही छापे की सूचना अमुक व्यक्ति को पहले ही मिल जाती है।गुपचुप तरीके से दवा दुकान में खांसी व प्रतिबंधित दवाएं बिना पर्ची के दी जा रही है। इसको युवा व किशोर नशे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

इन सब मामलों में कई बार पुलिस कार्रवाई होती है। मगर कुछ दिन बाद फिर से नशीली दवाओं का कारोबार शुरू हो जाता है। यहां नशे के सौदागरों को जरा भी पुलिस का डर नहीं है। इसी वजह मेडिकल स्टोर पर नशे का सामान बेच रहे हैं। युवा पीढ़ी जिस सस्ते और सुलभ गोलियों का सेवन बतौर नशा कर रहे हैं जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। युवा पीढ़ी इसके आदी हो चुके हैं। इस संबंध में चौकी प्रभारी हथौंधा आलोक कुमार सिंह ने बताया कि इनके ऊपर जल्द ही कार्रवाई करता हूं।

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