मुरादाबाद : ज्ञानवापी पर निर्णय के बाद अलर्ट रहे अधिकारी, किया संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण
मुरादाबाद, अमृत विचार।ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में निर्णय को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अमला अलर्ट हो गया है। हिंदू पक्ष की बात को मान्यता देते हुए कोर्ट ने इसे सुनने योग्य मामला बताया। इस निर्णय के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शलभ माथुर, अपर …
मुरादाबाद, अमृत विचार।ज्ञानवापी मस्जिद के मामले में निर्णय को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अमला अलर्ट हो गया है। हिंदू पक्ष की बात को मान्यता देते हुए कोर्ट ने इसे सुनने योग्य मामला बताया। इस निर्णय के बाद कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शलभ माथुर, अपर जिलाधिकारी नगर आलोक वर्मा ने पुलिस अधिकारियों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों में भ्रमण कर सभी को शांतिपूर्ण तरीके से रहने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी लोग शांति पूर्वक रहें।

निर्णय के देश व्यापी असर को देखते हुए शासन ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया था। इसके चलते सुबह से प्रशासनिक अमला संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने में लगा था। जैसे ही फैसला हिंदू पक्ष में आया जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, डीआईजी शलभ माथुर, अपर जिलाधिकारी नगर आलोक वर्मा सहित अन्य प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी सड़क पर उतर आए। उन्होंने डबल फाटक संभल चौराहे से ईदगाह, जामा मस्जिद इलाके में पुलिस बल के साथ मार्च करते हुए लोगों से शांतिपूर्वक रहने की अपील की। कहा आपसी भाईचारा कायम रखें। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया। कहा कतई ढिलाई न बरतें। इसी क्रम में शहर में कई मस्जिदों और आसपास के क्षेत्र, हरथला चौराहे आदि पर पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। अधिकारियों की गाड़ियां सड़कों पर दौड़ने लगी।
डीआइजी और डीएम ने संभाला मोर्चा, टटोली शहर की नब्ज
ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में बनारस कोर्ट का फैसला आने के बाद सोमवार को प्रशासनिक अमला हाई अलर्ट मोड में आ गया। डीआइजी शलभ माथुर व डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह भारी फोर्स लेकर सड़क पर उतरे। उच्च प्रशासनिक अफसरों ने जहां शहर के सुरक्षा व्यवस्था की नब्ज टटोली, वहीं मातहतों ने संवेदनशील व ग्रामीणांचल में डेरा डाला रहा। मिश्रित आबादी पर देर रात तक पुलिस की पैनी नजर बनी रही।
ज्ञानवापी मामले में बनारस कोर्ट का फैसला आम होते ही शासन ने पूरे प्रदेश में प्रशासनिक अमले को चौकस व चौकन्ना रहने का निर्देश जारी कर दिया। खासकर पश्चिम यूपी के उन संवेदनशील जिलों में पुलिस को हाई अलर्ट मोड में रहने को कहा गया, जहां हिन्दू व मुसलमान की सबसे अधिक मिश्रित आबादी है। शासन से दिशा-निर्देश मिलते ही उच्चाधिकारी हरकत में आ गए। सुबह करीब 11 बजे डीआईजी शलभ माथुर, डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह संभल चौराहा डबल फाटक पहुंचे। वहां एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ पहले से मुस्तैद रहे। एहतियातन पीएसी जवानों की भी तैनाती की गई।
उच्चाधिकारियों ने संभल चौराहा डबल फाटक से ईदगाह, गलशहीद, इंदिरा चौक होते हुए जामा मस्जिद चौराहे तक पैदल मार्च किया। जीआईसी चौराहा, फैजगंज, मंडी चौक होते हुए पुलिस फोर्स सिटी कोतवाली क्षेत्र में दाखिल हुई। करीब तीन घंटे तक प्रशासनिक अमला सड़क पर रहा। उच्चाधिकारियों ने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए कानून व्यवस्था बहाल रखने की अपील की। एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया, एडीएम सिटी आलोक वर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हर्षिता, सीओ शैलजा मिश्रा, सीओ सिविल लाइंस डॉ.अनूप सिंह आदि शहर की नब्ज टटोलते रहे।
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