बाराबंकी: जन्म देने वाली मां ने मरने के लिए नाले में फेंका, बच्ची की पालनहार बनी यशोदा
बाराबंकी। जिस बच्ची को जन्म देने वाली मां ने मरने के लिए नाले में फेंक दिया था। उसे अब पालने वाली यशोदा मिल गई है। नाले से निकालने के बाद बच्ची को थोड़ा बहुत इंफेक्शन जरूर हुआ लेकिन अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। बच्ची का स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है। …
बाराबंकी। जिस बच्ची को जन्म देने वाली मां ने मरने के लिए नाले में फेंक दिया था। उसे अब पालने वाली यशोदा मिल गई है। नाले से निकालने के बाद बच्ची को थोड़ा बहुत इंफेक्शन जरूर हुआ लेकिन अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। बच्ची का स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज चल रहा है।
नाले में फेंक दी गई इस नवजात बच्ची को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित प्रेरणा कैंटीन चलाने वाली एक महिला ने जीवनदान दिया है। इस महिला के पहले से ही 2 बच्चे हैं। अब वह इस बच्ची को भी अपनी बेटी बनाकर पालना चाहती है।
प्रेरणा कैंटीन संचालक मीना कुमारी ने बताया की मंगलवार सुबह एक किरनापुर निवासी एक बच्चा दुकान पर सौदा लेने आया तो उसने बताया कि स्कूल के सामने नाले में एक नवजात शिशु पड़ा रो रहा है। मैं गई और उसे गोद में उठा लिया और अपनी कैंटीन की दुकान ले आई।
मीना कुमारी ने बताया कि मेरा एक 10 साल का बेटा है और एक 8 साल की बेटी है तीसरी यह बेटी मुझे प्राप्त हुई है। बताया कि मेरे पति आनंद वर्मा कृषक हैं वह गाड़ी चालक हैं । साढ़े 3 महीना पहले प्रेरणा कैंटीन सीएचसी हैदरगढ़ में खोला था। मंगलवार को जो बच्ची उन्हें मिली है उस बच्ची का नाम उसने परी रखा है।
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