अयोध्या: एयरपोर्ट अथॉरिटी व अमृत बॉटलर्स को जारी होगी नोटिस, जानें क्यों एनजीटी ने दिया यह आदेश
अयोध्या। अयोध्या में विलुप्त हो चुकी त्रिलोदकी गंगा के अस्तित्व को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। एनजीटी कोर्ट में वर्चुअली सुनवाई के बाद जजों ने एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोप है कि श्रीराम एयरपोर्ट व अमृत बॉटलर्स ने त्रिलोदकी गंगा को तहस-नहस कर दिया है। जांच कमेटी …
अयोध्या। अयोध्या में विलुप्त हो चुकी त्रिलोदकी गंगा के अस्तित्व को बचाने की कवायद शुरू हो गई है। एनजीटी कोर्ट में वर्चुअली सुनवाई के बाद जजों ने एक कमेटी गठित कर जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोप है कि श्रीराम एयरपोर्ट व अमृत बॉटलर्स ने त्रिलोदकी गंगा को तहस-नहस कर दिया है। जांच कमेटी अब एयरपोर्ट अथॉरिटी व अमृत बॉटलर्स को नोटिस भी भेजेगी।
थाना पूराकलंदर के गंजा निवासी दुर्गा प्रसाद यादव ने बुधवार को एनजीटी में आॅनलाइन सुनवाई के दौरान अपनी बात रखते हुए कहा कि सरयू से निकलकर सरयू में ही मिलने वाली 42 किमी की नदी का अस्तित्व आज खतरे में है। ग्राम सभा गंजा, हांसापुर, चांदपुर हरिवंश पूरे हुसेन खाँ, जनौरा देहात आदि के लोगों की जमीनें जिला प्रशासन द्वारा श्री राम एयरपोर्ट के लिये अधिग्रहित की गई।

अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण में पूर्व से स्थित त्रिलोदकी गंगा (बाहा) को तहस-नहस करने का कार्य किया जा रहा है। त्रिलोकी बाहा में अमृत बटलर्स प्रा.लि. (कोको कोला) डाभासेमर चांदपुर हरवंश इलाहाबाद रोड अयोध्या का जहरीला पानी इसी त्रिलोकी बाहा मे छोड़ दिया गया है। पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है। गांव में व किसानों के खेतो में जहरीला पानी फैल रहा है।
हजारों ग्रामीणों की कठिनाइयों को देखते हुए एयरपोर्ट के क्षेत्र से बहने वाले नाले के अस्तित्व को बचाने के लिये उचित प्रयास किया जाय। साथ ही अमृत बटलर्स के जहरीले पानी को तत्काल बंद कराया जाय। सुनवाई के दौरान जजों ने कहा कि दोनों को नोटिस जाएगी। मामले में कमेटी गठित कर दी गई है। जजों ने शिकायतकर्ता से कमेटी जाएगी। आप उनसे मिलकर अपनी सारी व्यथा जरूर बताइयेगा।
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