हल्द्वानी: सरकार पर गरजे विभिन्न संगठनों के लोग, भर्ती घोटालों की उठाई सीबीआई जांच की मांग

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Edited By Amrit Vichar
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हल्द्वानी, अमृत विचार। यूकेएसएसएससी भर्ती पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को विभिन्न संगठनों के लोगों ने बुद्धपार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए घोटालों की जल्द से जल्द सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई। साथ ही एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया। …

हल्द्वानी, अमृत विचार। यूकेएसएसएससी भर्ती पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को विभिन्न संगठनों के लोगों ने बुद्धपार्क में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाते हुए घोटालों की जल्द से जल्द सीबीआई से जांच कराने की मांग उठाई। साथ ही एसडीएम के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया।

पहाड़ी आर्मी उत्तराखंड संगठन की ओर से आक्रोश रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड को नेताओं ने भ्रष्टाचार का प्रदेश बना दिया है। हर दिन किसी न किसी विभाग में घोटालों की बात सामने आ रही है। आक्रोश रैली में आम आदमी पार्टी, यूकेडी, महिला मंच, सच के साथ समिति के अलावा कई संगठनों के पदाधिकारी शामिल हुए। इधर बुद्धपार्क में चारों तरफ पुलिस का कड़ा पहरा रहा।

ये रहे मौजूद
आप नेता हेम आर्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख संध्या डालाकोटी, मंजू तिवारी, पुष्पा नेगी, किरन डालाकोटी, आनंद रावत, भुवन चंद्र जोशी, श्रीकांत खंडेलवाल, चंद्रशेखर पांडे, रमेश पलड़िया, पीसी शर्मा, भाष्कर सुयाल, कौशल पाठक, जय सामंत, कादिर खान, हितेंद्र राठौर, संजय नयाल, हिमांशु शर्मा, गोविंद रावत, पंकज बिष्ट, दीपेंद्र सिंह नेगी, विक्की नौला, कुणाल सिंह, तलविंदर भुल्लर आदि थे।

युवाओं के अधिकारों के लिए आंदोलन लगातार चलता रहेगा। उत्तराखंड में भ्रष्टाचारियों को किसी भी हाल में पनपने नहीं देंगे। जल्द पहाड़ी क्षेत्रों में भी अभियान चलाकर लोगों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
– हरीश रावत, अध्यक्ष पहाड़ी आर्मी

भर्ती घोटालों से राज्य में जीरो टॉलरेंस की पोल खुल गई है। सरकार जांच के दौरान बड़े लोगों को बचाना चाहती है। छोटे लोगों की गिरफ्तारी कर मामले की खानापूर्ति की जा रही है। घोटालों की जल्द सीबीआई जांच करायी जानी चाहिए।
– हेम आर्य, आप नेता

युवाओं के साथ सरकार ने छलावा किया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही घोटालों की सीबीआई जांच नहीं चाहते हैं। सरकार की मनसा होती तो अभी तक मामले को सीबीआई को सौंप दिया होता।
– भुवन जोशी, यूकेडी

 

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