बरेली: 10 से 5 बजे की नौकरी खत्म, सुबह 6 से अफसरों को करना होगा काम

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बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री 16 से 18 घंटे काम कर रहे हैं। नगर आयुक्त पहले से ही 15 से 16 घंटे काम कर रही हैं। इसी तर्ज पर निगम अफसरों को भी अब 14 से 15 घंटे काम करना होगा। निगम अफसरों को अब 10 से 5 वाली नौकरी की आदत को छोड़नी …

बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री 16 से 18 घंटे काम कर रहे हैं। नगर आयुक्त पहले से ही 15 से 16 घंटे काम कर रही हैं। इसी तर्ज पर निगम अफसरों को भी अब 14 से 15 घंटे काम करना होगा। निगम अफसरों को अब 10 से 5 वाली नौकरी की आदत को छोड़नी पड़ेगी। इसके लिए अफसरों को एक-एक वार्ड गोद दिया गया है।

इस वार्ड का उन्हें सुबह उठकर निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के बाद 11 बजे तक कार्यालय आकर उसकी रिपोर्ट भी नगर आयुक्त को देनी होगी। कार्यालय में तो शाम तक बैठकर काम करना ही है। यानि अब सभी अफसर सुबह 6 बजे से सड़कों और गलियों में घूमते नजर आएंगे।

गोद लिए वार्ड के अफसर अपने वार्ड में नगर निगम द्वारा कराए जा रहे बिजली पानी, प्रकाश और सफाई को देखेंगे और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। प्रथम चरण में 27 वार्डाें में ही अफसर नामित किए गए हैं। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

गोद दिए वार्ड में अफसर निरीक्षण करें और रिपोर्ट में दर्ज करें कि फलां वार्ड में यह-यह कमी है। कोई कमी मिलेगी तो उसे तुरंत सुधरवाना भी होगा। जो कमियां अफसरों को मिलेगी उन्हें दूर कराना भी उन्हीं की जिम्मेदारी होगी। वार्ड में जनता से उन्हें मिलना होगा। अफसर जहां -जहां कार्य कराएंगे वहां की जीपीएस फोटो व्हाट्सग्रुप पर डालनी होगी और सुबह 11 बजे लिखित रूप से नगर आयुक्त को रिपोर्ट भी देनी होगी।

ये हैं 27 वार्डाें के नामित अफसर
सुनील यादव, अपर नगर आयुक्त, प्रथम (मलुकपुर- 44),अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त, द्वितीय (नौमहला – 09) सर्वेश कुमार गुप्ता, अपर नगर आयुक्त, तृतीय (सहसवानी टोला- 40) वीके सिंह, मुख्य अभियंता (फाल्तूनगंज- 57) राजेश यादव, जीएम जलकल (गांधी उद्यान- 32) डा. अशोक कुमार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, (शहदाना- 60) डा. आदित्य तिवारी, पशुचिकित्साधिकारी, (हरुनगला- 17) सत्येन्द्र सिंह मुख्य नगर लेखा परीक्षक (सिकलापुर- 64) अनुराग सिंह, लेखाधिकारी (रामपुरबाग- 35) पूजा त्रिपाठी,

सहायक नगर आयुक्त, (जनकपुरी-50) महातम यादव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी (वीरभट्ठी-7) ललतेश सक्सेना, कर निर्धारण अधिकारी ( बिहारीपुर मेमरान-41) विपिन कुलदीप, कर निर्धारण अधिकारी (गांधीपुरम-46), जितेन्द्र उपाध्याय, प्रकाश निरीक्षक (माडल टाउन-8) हृदय प्रकाश नारायण, सहायक लेखाधिकारी (हजियापुर-15) दिलीप कुमार शुक्ला,अधिशासी अभियंता (आवास विकास-67) मुकेश शाक्य,

सहायक अभियंता (कटरा चांद खां 11) पंकज रस्तोगी (कटघर- 31) राजीव शर्मा (इंदिरानगर 23) ईश्वर सिंह (शांति विहार-13) सुभाष त्रिपाठी, अवर अभियंता ( सौदागरान- 77) कौशलेंद्र रस्तोगी, (चौधरी मोहल्ला 42), अरुण कुमार अवर अभियंता (वनखंडी नाथ- 33) वीणा मौर्य अवर अभियंता (डेलापीर- 10), पल्लवी सक्सेना अवर अभियंता (आलमगिरीगंज-72), वीर सिंह पटेल, (सुभाष नगर- 21), अजीत सिंह अवर अभियंता ( मढ़ीनाथ-25 ) ।

पार्षदों के साथ अफसरों का भी होगा अपना वार्ड
अभी तक वार्ड पार्षदों के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब अफसरों के नाम से भी जाना जाएगा। वार्ड में निर्माण कार्य तो अफसर करवा नहीं पाएंगे। सफाई व्यवस्था से भी जनता संतुष्ट नहीं है। कई मोहल्लों में नालियां जाम हैं। जनता संभव जनसुनवाई पर भी शिकायत दर्ज करा चुकी है, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। अफसरों के वार्ड में जाने से जनता को इस तरह की समस्याओं के हल होने की उम्मीद जगी है। इसके अलावा पार्षदों को जिन मोहल्ले से वोट नहीं मिले वहां की भी समस्या अफसर जानेंगे तो जनता में भी सरकार के प्रति अच्छा संदेश जाएगा।

17 बिंदुओं पर नजर रखेंगे अफसर, फारमेट तय
अफसरों को किन-किन समस्याओं पर ध्यान देना है इसका फार्मेट तय कर दिया गया है। गली-सड़क, नालियों की सफाई है या नहीं, खाली प्लाटों पर कूड़ा पाया गया या नहीं, बड़े कूड़ेदान कितने हैं, पोखर तालाब के किनारे तो कूड़ा नहीं पड़ रहा, डोर टू डोर की क्या स्थिति है, स्ट्रीट लाइट कैसी है, सीवर और पानी की लाइन की टूट-फूट तो नहीं है, बड़े नालों की स्थिति क्या है, वार्ड में तैनात कर्मचारी,सफाई नायक की सूची की अनुसार मौके पर स्थिति रजिस्टर के अनुसार सत्यापित कराते हुए। इसके अलावा भी कई बिंदु है।

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