मुरादाबाद : स्कूल सपोर्टिंग टीम के सदस्य बच्चों को बनाएंगे दक्ष, शिक्षकों-शिक्षाधिकारियों को किया जा रहा प्रेरित

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मुरादाबाद,अमृत विचार। निपुण प्रदेश बनाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की आनलाइन मानीटरिंग की जाएगी। स्कूल सपोर्टिंग टीम के सदस्य गणित व भाषा में दक्ष बनाने के लिए कक्षा में पहुंचकर छात्रों की मदद करेंगे। शिक्षकों से समन्वय कर टीम के सदस्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल …

मुरादाबाद,अमृत विचार। निपुण प्रदेश बनाने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा शिक्षण की आनलाइन मानीटरिंग की जाएगी। स्कूल सपोर्टिंग टीम के सदस्य गणित व भाषा में दक्ष बनाने के लिए कक्षा में पहुंचकर छात्रों की मदद करेंगे। शिक्षकों से समन्वय कर टीम के सदस्य निपुण भारत मिशन के लक्ष्य को हासिल कराएंगे। निपुण भारत मिशन के तहत इन दिनों मंडलों और राज्य स्तर पर कार्यशाला आयोजित कर शिक्षकों और शिक्षाधिकारियों को प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश में इस मिशन के तहत शिक्षक संकुल के 41000 विद्यालयों को निपुण विद्यालय में बदलना है। यह कार्य शिक्षण की बेहतर गुणवत्ता से ही संभव है।

निपुण भारत मिशन

  • महानिदेशालय स्तर से की जा रही है ऑनलाइन मानीटरिंग
  • मिशन के तहत निपुण विद्यालय में बदले जाएंगे 41000 स्कूल

इसके लिए शिक्षक, छात्रों में बेहतर सामंजस्य व आत्मीयता होनी चाहिए। इस कार्य को आसान बनाने के लिए अब स्टेट रिसोर्स ग्रुप अर्थात एसआरजी के 225 व अकादमिक रिसोर्स परसन (एआरपी) जो प्रदेश में 4400 से अधिक तैनात हैं विद्यालयों में जाकर पढ़ाई में शिक्षकों का सहयोग करेंगे। इनका कार्य विद्यार्थियों को अंकगणित व भाषा में निपुण बनाना है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने स्कूल सपोर्टिव सिस्टम से जुड़े एसआरजी और एआरपी को हर महीने स्कूलों में जाकर इस कार्य को बेहतर तरीके से कराने का आदेश दिया है। एसआरजी हर महीने 20 और एआरपी 30 विद्यालयों में जाएंगे। उनके कार्य की आनलाइन निगरानी भी नियमित रूप से होगी।

लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन की ओर से आदर्श शिक्षण कक्ष पर प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। महानिदेशक (डीजी) स्कूल शिक्षा ने आदेश में लिखा है कि कक्षा एक का विद्यार्थी एक अंक वाला जोड़ घटाव 75 फीसदी सवाल, कक्षा दो विद्यार्थी दो अंकों वाले अंकों का जोड़ व घटाना कर सके। इसके अलावा कक्षा तीन के छात्रों की गणित और भाषा पर भी जोर देते हुए 2025-26 तक हर हाल में उन्हें इसमें दक्ष करना है। प्रभारी एडी बेसिक बुद्ध प्रिय सिंह का कहना है कि शासन की मंशा और विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश-निर्देश का शत-प्रतिशत पालन कराएंगे। बच्चों को निपुण बनाना सभी की प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर प्रयास चल रहा है।

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