बरेली: गल्ला बांट रहे कोटेदार के बेटे को सांप ने काटा, झाड़-फूंक में गई जान, परिवार में मचा कोहराम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। गल्ला बांट रहे कोटेदार के बेटे को सांप ने काट लिया हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल न ले जाकर घर पर झाड़-फूंक करने के चक्कर में उसकी जान चली गई। बगैर पोस्टमार्टम कराए परिवार ने बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम …

बरेली, अमृत विचार। गल्ला बांट रहे कोटेदार के बेटे को सांप ने काट लिया हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल न ले जाकर घर पर झाड़-फूंक करने के चक्कर में उसकी जान चली गई। बगैर पोस्टमार्टम कराए परिवार ने बच्चे के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। देर रात सपेरे को बुलाकर बोरी में छिपे सांप को पकड़वाया गया। लेकिन इस घटना से यह जाहिर हो गया कि आज भी अंधविश्वास लोगों के जहन पर हावी है। अगर बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल ले जाते तो शायद उसकी जान बच जाती। गुरुवार दोपहर से लेकर शुक्रवार दोपहर तक झाड़-फूंक का खेल चलता रहा। जिसकी कीमत बच्चे को जान देकर चुकाना पड़ी।

इज्जतनगर के मोहरनिया गांव में रहने वाले अजयवीर सिंह कोटेदार हैं। गुरुवार की दोपहर अजयवीर का 14 वर्षीय बेटा योगेश गल्ला बांट रहा था। इस बीच बोरी से गल्ला निकालते समय उसे सांप ने काट लिया। सांप के काटने से उसकी हालत बिगड़ गई। परिवार वाले उसे अस्पताल ले जाने की जगह झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। शुक्रवार की दोपहर योगेश की मौत हो गई। परिजनों ने उसके शव को गांव में ही दफना दिया। अजयवीर का बेटा योगेश गांव के ही माध्यमिक विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र था। अजयवीर के इकलौते बेटे की मौत के बाद मां रेखा कुमारी अपना आपा खो बैठीं। बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद सपेरे को बुलाकर सांप को पकड़वा दिया गया।

ये भी पढ़ें- बरेली: उर्स में शिरकत करने के लिए अपने साथ महिलाओं और बच्चों को ना लाएं- मौलाना शहाबुद्दीन रजवी

 

संबंधित समाचार