रायबरेली: चालीसवें पर फिर याद आया कर्बला , निकला मातमी जुलूस
रायबरेली, अमृत विचार। कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को चहल्लुम पर याद किया गया। जुलूस निकालकर सभी शहीदों को नमन करके मातम मनाया गया। रविवार को पूरे जिले में चहल्लुम का जुलूस निकला और शिया समुदाय के लोगों ने मातम किया है। ज्ञात हो कि करबला में इस्लाम और इंसानियत …
रायबरेली, अमृत विचार। कर्बला में शहीद हुए इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों को चहल्लुम पर याद किया गया। जुलूस निकालकर सभी शहीदों को नमन करके मातम मनाया गया। रविवार को पूरे जिले में चहल्लुम का जुलूस निकला और शिया समुदाय के लोगों ने मातम किया है।
ज्ञात हो कि करबला में इस्लाम और इंसानियत के हक की लड़ाई लड़ते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके परिवार व साथियों को जालिम यजीद बड़े विभत्स तरीके से कत्ल करवा दिया था। चहल्लूम महीने में उनका चालीसवां मनाकर उन्हे श्रद्धांजलि दी जाती है।
परशदेपुर में चेहल्लुम पर मातम के बीच अलम का जुलूस निकाला गया। परशदेपुर के छोटे इमामबाड़ा में सुबह मजलिस हुई जिसको डॉ इतरत नक़वी ने पढ़ा।मजलिस में डॉ इतरत ने मजलिस में इमाम हुसैन की अज़ीम शख्सियत के बारे में बताया कि कर्बला में ज़ुल्म की इन्तिहा होते हुए भी इमाम हुसैन ने यज़ीद के सामने अपना सर नही झुकाया और इस्लाम को बचाने के लिए अपनी और अपने बहत्तर साथियो की शहादत दी।
मजलिस के बाद अलम और ताज़िये के साथ जुलूस निकाला गया जो कजियाना, बड़े इमामबाड़ा, अंसार चौक होते हुए कर्बला पहुंच कर समाप्त हुआ। वहीं पर ताज़िया को दफना दिया गया। जुलूस में सभासद शम्सी रिज़्वी, इतरत नक़वी, शारिम रिज़्वी, आसिफ नक़वी, असलम नक़वी, अहमद नक़वी, ज़की हसन, नाज़िम रिज़्वी, मुन्ना रिज़्वी, बबलू, बाबर हादी ,लारेब, शोएब, जावेद आदि मौजूद रहे।
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