अयोध्या में बाढ़ का कहर: गांवों में घुसा पानी, पलायन शुरू, बिजली आपूर्ति ठप, इलाकों में मचा हाहाकार

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या। आखिरकार बाढ़ ने दस्तक दे ही दी। लगातार उफना रही सरयू का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा तो कछारी गांवों में पानी पहुंचने लगा। सर्वाधिक सदर तहसील क्षेत्र का पूराबाजार का निचला इलाका प्रभावित हुआ है जहां लोगों ने पलायन भी शुरू कर दिया है। रुदौली तहसील में …

अयोध्या। आखिरकार बाढ़ ने दस्तक दे ही दी। लगातार उफना रही सरयू का जलस्तर सोमवार को खतरे के निशान से 38 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा तो कछारी गांवों में पानी पहुंचने लगा। सर्वाधिक सदर तहसील क्षेत्र का पूराबाजार का निचला इलाका प्रभावित हुआ है जहां लोगों ने पलायन भी शुरू कर दिया है।

रुदौली तहसील में भी प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचने लगा है। सोहावल तहसील क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जिला प्रशासन की ओर से दावा किया गया है बाढ़ संकट से निपटने के लिए सभी तरह के इंतजाम मुकम्मल हैं, जबकि हकीकत यह है कि दस बाढ़ चौकियों में से अभी एक भी सक्रिय नहीं हुई हैं।

पूराबाजार प्रतिनिधि के अनुसार सरयू ने निचले इलाकों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। भयवश लोग पलायन को मजबूर हो गए हैं तो इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र मूडाडीहा माझा, उरदा हवा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन सलेमपुर में बाढ़ का पानी घरों में घुस गया है। सबसे ज्यादा उरदहवा में पानी ने कहर मचा के रखा है। उरदहवा के दुरई, केशवराम, राम जगउदय, पतिराम व सुभाष नंदलाल कहते हैं कि रविवार रात में पानी गांव में घुसा और घरों तक पहुंच गया है।

किसी तरह घर से निकल कर लोग अलग स्थानों पर ठौर लिए हुए हैं। वहीं पिपरी संग्राम के ज्ञानदास निषाद ,बुद्धू निषाद, मेवा लाल निषाद, भगवती, नवमी ने सोमवार को बताया कि रात को अचानक पानी गांव में घुस गया। जानवरों के चारे का संकट खड़ा हो गया है वहीं बाढ़ के चलते बिजली सप्लाई बंद कर दी गई है। ग्रामीणों ने बताया अभी तक गांव में कोई सरकारी आदमी हाल जानने के लिए नहीं पहुंचा है। ग्राम प्रधान मूडाडीहा गया प्रसाद यादव बताते हैं कि बाढ़ की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। मूडाडीहा के लेखपाल सौरभ पांडे बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों की सूची तैयार करके तहसील को भेजी जा रही है।

रुदौली के तराई इलाकों में भी बाढ़
रुदौली प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के ग्राम कैथी, मांझा, महंगू का पुरवा सहित नदी के किनारे बसे गांवों में पानी घरों की चौखट तक पहुंच गया है। लोगों ने अपनी गृहस्थी समेटनी शुरू कर दी है। तहसीलदार प्रज्ञा सिंह ने बताया कि अभी कोई खतरे वाली स्थिति नहीं है। ग्रामीणों को साथ आपदा प्रबंधन टीम को भी एलर्ट कर दिया गया है। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए इंतजाम पूरे हैं।

सोहावल तहसील क्षेत्र में भी बढ़ा खतरा
सोहावल प्रतिनिधि के अनुसार कछार के गांव में प्रशासन पल पल की नजर रखे हुए हैं। बाढ़ कार्य खंड के अवर अभियंता संजय कुमार ने बताया ढेमवा पर बनाये गये बंधे को कोई खतरा नहीं है। यहां ढेमवा घाट पर सरयू के जल स्तर में सोमवार को दोपहर 12 बजे तक 2 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। तहसील प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ का पानी दाखिल नहीं हुआ है।

तीनों तहसीलों का प्रशासन अलर्ट मोड पर है। पूराबाजार क्षेत्र में टीमें लगा दी गई हैंं। प्रभावित इलाकों में नावों का प्रबंध पहले ही किया जा चुका है। फिलहाल बाढ़ का स्वरूप भयावह नहीं है …महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व।

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