लखनऊ: एसजीपीजीआई में तेज बुखार से तड़पता रहा बच्चा, इलाज के लिए नर्स लगाती रही गुहार…लेकिन नहीं सुने डॉक्टर
लखनऊ। एसजीपीजीआई की इमरजेंसी में एक नर्स जो अपने 13 साल के बच्चे को इलाज दिलाने के लिए डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाती रही, लेकिन इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने उसकी एक न सुनी। थकहार कर नर्स ने एसजीपीजीआई के निदेशक व नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष से मदद मांगी तब कहीं जाकर उसके बच्चे को …
लखनऊ। एसजीपीजीआई की इमरजेंसी में एक नर्स जो अपने 13 साल के बच्चे को इलाज दिलाने के लिए डॉक्टर के सामने गिड़गिड़ाती रही, लेकिन इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने उसकी एक न सुनी। थकहार कर नर्स ने एसजीपीजीआई के निदेशक व नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष से मदद मांगी तब कहीं जाकर उसके बच्चे को इलाज मिला। यह उस नर्स प्रियंका की कहानी है, जो एसजीपीजीआई के एपेक्स ट्रामा सेंटर में तैनात है और रोजाना कई मरीजों के इलाज में अपना योगदान देती है।
यह पूरी घटना रविवार की बतायी जा रही है। यह कहानी तो बानगी मात्र है,एसजीपीजीआई में आये दिन कर्मचारियों व उनके परिजनों को इलाज के लिए धक्के खाने पड़ते हैं,कई बार इसको लेकर संस्थान प्रशासन व नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन के बीच इस बात को लेकर वार्ता भी हो चुकी है,लेकिन नर्स व कर्मचारियों की समस्याओं का निदान नहीं हुआ। हालांकि आज नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन व संस्थान के निदेशक के बीच वार्ता हुई है। बताया जा रहा है कि निदेशक प्रो.आर.के.धीमान ने आश्वासन दिया है कि आने वाले समय में कर्मचारियों के इलाज में दिक्कत न आये,इसकी व्यवस्था की जायेगी।
दरअसल, आये दिन एसजीपीजीआई में काम करने वाले लोगों को इमरजेंसी में भर्ती के खासी मशक्कत करनी पड़ती है, उसके बाद जाकर इलाज मिलता है। नर्स प्रियंका का मामला तो बानगी मात्र है। इससे पहले कोविड के समय डायलिसिस युनिट में तैनात साविता सिस्टर की बेटी तेज बुखार से पीड़ित थी,बताया जा रहा है कि सिस्टर सविता बच्ची के इलाज के लिए पूरे दिन पीजीआई में चक्कर काटती रहीं,अन्त में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बच्ची ने दम तोड़ दिया।
अभी हाल में ही कर्मचारी कृण्णपाल को इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक ने भर्ती करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया था,क्योंकि कृण्णपाल स्ट्रेच पर लेट कर नहीं आये थे। इमरजेंसी में आये दिन होने वाली दिक्कतों को लेकर नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन ने आक्रोश जताया है। आज नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन ने निदेशक से मिलकर अपनी समस्या को बताया है । जिस पर एसजीपीजीआई के निदेशक ने समस्या का समाधान करने की बात कही है।
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