लखनऊ: पशु क्रूरता रोकने के लिए सख्त हुई सरकार, खेतों में ब्लेड या कटीले तार लगाने पर रोक

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लखनऊ, अमृत विचार। बढ़ती पशु क्रूरता पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अपनी कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव डा.रजनीश दुबे ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और उ.प्र. गोवध निवारण अधिनियम 1955 के तहत एक चिट्ठी जारी की है। चिट्ठी में साफ तौर पर कहा गया है कि खेतों की घेराबंदी के लिए …

लखनऊ, अमृत विचार। बढ़ती पशु क्रूरता पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने अपनी कदम उठाया है। अपर मुख्य सचिव डा.रजनीश दुबे ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 और उ.प्र. गोवध निवारण अधिनियम 1955 के तहत एक चिट्ठी जारी की है। चिट्ठी में साफ तौर पर कहा गया है कि खेतों की घेराबंदी के लिए अब ब्लेड वाले या कटीले तार नहीं लगाए जाएंगे। इसके लिए तार या फिर रस्सी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रदेश के अपर मुख्य सचिव डा. रजनीश दुबे ने चिट्ठी में कहा है कि 17 जुलाई 2017 को हुई बैठक में उ.प्र.गो सेवा आयोग ने बढ़ती जा रही पशु क्रूरता पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए इस पर रोक लगाने की पुरज़ोर मांग की थी। अक्सर देखा गया है कि किसान ब्लेड या कटीले तार से अपने खेतों की घेराबंदी करते हैं। जिससे बराबर गोवंश ज़ख्मी हो रहें हैं। इतना ही नहीं, कहीं-कहीं पर गोवंश मौत के मुंह में भी जा रहें हैं। हालांकि पहले भी इस तरह के तार इस्तेमाल किए जाने पर रोक लगाई गई थी। लेकिन इधर बराबर देखने को मिल रहा है कि अभी भी किसान अपने-अपने खेतों में ब्लेड या कटीले तार लगाए हुए हैं। जो गोवंशों के लिए खतरे का सबब बने हुए हैं। अपर मुख्य सचिव डा.दुबे ने सख्ती के साथ कहा है कि अब खेतों में ब्लेड या कटीले तार नहीं दिखाई देने चाहिए। किसान अपनी फसल को बचाने के लिए तार या रस्सी का इस्तेमाल करें।

24 घंटे रहेगी डाक्टरों की ड्यूटी
अपर मुख्य सचिव डा.रजनीश दुबे ने कहा है कि बीमार या ज़ख्मी होने वाले गोवंशों के इलाज के लिए पशु अस्पतालों में तैनात डाक्टरों की 24 घंटे ड्यूटी रहेगी। इसके लिए डाक्टर और स्टाफ का शेड्यूल तैयार किया जाए। बीमार या ज़ख्मी होने वाले गोवंशों को नज़र अंदाज़ करना भी पशु क्रूरता मानी जाएगी।

डीएम की भी तय हुई जवाबदेही
प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ने चिट्ठी में आगे कहा है कि पशु क्रूरता की रोकथाम में पशु क्रूरता निवारण समिति की जवाबदेही बनती है। पशु क्रूरता निवारण समिति ( एसपीसीए) का अध्यक्ष डीएम होता है। इस लिए डीएम की ज़िम्मेदारी बनती है कि पशु क्रूरता पर रोक लगाई जाए। अपर मुख्य सचिव ने इस पर भी ज़ोर दिया है।

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