बरेली: जेम पर तकनीकी दांव-पेच में फंस गया टेंडर, प्रपत्र अपलोड में आई समस्या

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अनुपम सिंह, बरेली, अमृत विचार। परिसीमन से बाहर रहने वाली नगर निकायों में मतदाता पुनरीक्षण को लेकर इस्तेमाल की जाने वाली जरूरी सुविधाओं का टोटा होने के साथ जेम पोर्टल पर तकनीकी समस्या भी खड़ी हो गई है, इससे प्रपत्र अपलोड नहीं हो रहा है। जबकि चुनाव की दो सामग्रियों के लिए अपलोड हो गया …

अनुपम सिंह, बरेली, अमृत विचार। परिसीमन से बाहर रहने वाली नगर निकायों में मतदाता पुनरीक्षण को लेकर इस्तेमाल की जाने वाली जरूरी सुविधाओं का टोटा होने के साथ जेम पोर्टल पर तकनीकी समस्या भी खड़ी हो गई है, इससे प्रपत्र अपलोड नहीं हो रहा है। जबकि चुनाव की दो सामग्रियों के लिए अपलोड हो गया है। अब टेंडर खुलने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

पिछले दिनों निर्वाचन आयोग की ओर से 20 सितंबर से मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य शुरू करने का आदेश जारी कर दिया था। इसमें बीएलओ को घर-घर जाकर वोटर लिस्ट में संशोधन, नाम हटाना, बढ़ाना आदि कार्य करेंगे। 20 सितंबर से पुनरीक्षण होना था, लेकिन यह 22 सितंबर को भी जिले में शुरू नहीं हो सका। इसकी वजह गणना कार्ड की व्यवस्था तत्काल न हो पाना है। वहीं, बीएलओ किट और अन्य चुनावी सामग्रियों का होना जरूरी था।

सूत्रों के अनुसार, इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जाती है। टेंडर भी सरकारी जेम पोर्टल से होना जरूरी है। अब इसके लिए विभागीय कार्यवाही करते हुए जेम पोर्टल पर टेंडर के लिए चुनावी सामग्रियों को अपलोड किया गया। बताते हैं कि, फोटो काॅपी, बीएलओ किट तो पोर्टल पर अपलोड हो गया है, लेकिन अभी अन्य प्रपत्र अपलोड नहीं हो पा रहे हैं। इसमें तकनीकी खामी वजह बताई जा रही है। इसको लेकर जिम्मेदार पशोपेश में हैं। वहीं, जो सामग्रियां अपलोड हो गई हैं, उनका टेंडर खुलने में भी कम से कम 10 दिन का समय लग सकता है।

आयोग की शर्तें मानने वाली फर्म को ही टेंडर
जेम पोर्टल से टेंडर खुलने के बाद तय होगा कि कौन सी फर्म को काम मिलेगा। चुनाव आयोग की ओर से जो रेट तय किए गए हैं, उसी के अंदर ही टेंडर दिया जाएगा। उदाहरण के तौर पर एक फोटो काफी के लिए 55 पैसे निर्धारित हुए हैं। अब इसी रेट में जो भी रजिस्टर्ड फर्म काम करने को राजी होगी उसे ही टेंडर दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, टेंडर खुलने के बाद सबसे कम दम पर काम करने वाली फर्म के नाम की फाइल डीएम को सौंपी जाएगी। डीएम की ओर से संबंधित फर्म को लेकर स्वीकृति मिलेगी। इसके बाद फर्म को आयोग की शर्ताें के अनुसार चुनावी सामग्री को प्रशासन को उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद उसी दर से भुगतान किया जाएगा।

बीएलओ तक पहुंचाए गए गणना कार्ड
निर्वाचन दफ्तर की ओर से गुरुवार को 1090 बीएलओ को गणना कार्ड की व्यवस्था करके उपलब्ध करा दिए गए हैं। प्रभारी सहायक निर्वाचन अधिकारी अंजनी प्रताप सिंह बताते हैं कि गणना कार्ड को एसडीएम और नगर निगम को भेजा जा रहा है। यह लोग आगे बीएलओ को मुहैया कराएंगे। उम्मीद है कि शुक्रवार की दोपहर तक बीएलओ को किट भी मुहैया करा दी जाएगी।

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