कानपुर: भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने अखिलेश पर किया तंज, बोले- धरतीपुत्र के पुत्र कब नीचे आएंगे
कानपुर, अमृत विचार। धरतीपुत्र के पुत्र कब धरती पर आएंगे। वह विपक्षी दल के नेता हैं। युवा माने जाते हैं। यह व्यंग्य भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राजसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने किया। वह शनिवार को सीएसजेएमयू के पीएसआईटी में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्होंने …
कानपुर, अमृत विचार। धरतीपुत्र के पुत्र कब धरती पर आएंगे। वह विपक्षी दल के नेता हैं। युवा माने जाते हैं। यह व्यंग्य भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राजसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने किया। वह शनिवार को सीएसजेएमयू के पीएसआईटी में आयोजित राष्ट्रीय सेवा योजना स्थापना दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
उन्होंने कहा की अखिलेश जी जब भी जमीं पर आएंगे, उन्हें हकीकत का पता चलेगा। सांसद ने समाजवादी पार्टी में चाचा भतीजे के रिश्ते को लेकर पूछे गए सवाल पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि राजनीति में भतीजा हमेशा कष्टदायक रहता है। चाहे वह उत्तर प्रदेश हो या फिर महाराष्ट्र। बिहार और पश्चिम बंगाल को ही देख लीजिए। वक्फ बोर्ड और मदरसों के खिलाफ की जा रही सकती के संबद्ध में मुख्य अतिथि ने कहा कि अगर कागजात हैं तो डरने की जरूरत क्या है।
त्रिवेदी ने कहा मदरसों की मान्यता हो चाहे वक्फ बोर्ड की जमीन का मामला किसी को परेशान नहीं किया जा रहा है। इसी तरह जब 2014 में भाजपा सरकार आई थी तो विपक्षी दलों ने एनजीओ के खिलाफ कार्रवाई करने की बात को हवा दी थी। सरकार ने गलत क्या किया था। गैर सरकारी संस्थाओं ने पिछले कई वर्षों से आयकर रिटर्न नहीं भरा था। करीब 6000 एनजीओ में से सिर्फ 250-300 ने ही रिटर्न फाइल करने के कागजात दिखाए थे। कई एनजीओ के पास सोशल अवेकनिंग के नाम पर 93-94 करोड़ रुपये की फंडिंग हुई थी।
कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर पार्टी में बन रही ऊहापोह की स्थिति के संबंध में उन्होंने कहा कि वहां अध्यक्ष पद का अनुसंधान होता है। राहुल गांधी को देखना होगा। घर परिवार की राजनीति से बाहर आना होगा। भारत इस समय वास्तविक स्वरूप में आ रहा है। कई ताकतें हैं जो भारत के विकास को रोकना चाहती हैं। देश मे नहीं तो विदेश में साम्प्रदायिक मौहाल खराब करना चाहते हैं। ब्रिटेन हो या किसी और देश मे हुई पूर्व की घटना इसका उदाहरण है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में आयुर्वेदाचार्य डॉ. वन्दना पाठक मौजूद रहीं। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने की। समारोह में श्रेष्ठ कार्य करने वाले राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों को गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार स्वंयसेवकों को कर्मवीर पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रति कुलपति प्रो.सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव अनिल कुमार यादव, प्रो.राजेश कुमार द्विवेदी समेत अन्य मौजूद रहे।
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