बरेली: आस्था में डूबे भक्त दूर से करेंगे भोले के दर्शन
बरेली,अमृत विचार। सावन की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पहले सोमवार को महादेव में आस्था रखने वाले भक्त दूर से अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। कोरोना महामारी के कारण कांवड़ यात्रा व श्रावणी मेले की इजाजत नहीं मिलने से शहर के शिव भक्तों में भारी निराशा है। सावन के एक दिन पूर्व जहां …
बरेली,अमृत विचार। सावन की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पहले सोमवार को महादेव में आस्था रखने वाले भक्त दूर से अपने आराध्य के दर्शन कर सकेंगे। कोरोना महामारी के कारण कांवड़ यात्रा व श्रावणी मेले की इजाजत नहीं मिलने से शहर के शिव भक्तों में भारी निराशा है। सावन के एक दिन पूर्व जहां बोल बम के नारे से पूरा शहर गुंजायमान रहता था, रविवार को शहर के मंदिर परिसर सूने रहे।
कैंट के धोपेश्वर नाथ मंदिर में सावन के हर दिन 400 से 500 के बीच कांवड़ियों की भीड़ लगी रहती थी, एक भी कांवड़िया यहां नहीं दिखा। मंदिर के महंत राम रक्षपाल गिरी ने बताया कि ऐसा पहली बार हो रहा है जब सावन में बाबा के दरबार में कावड़ियों का सावन से एक दिन पहले हुजूम नहीं है। मंदिर में बेसिन के जरिए जल चढ़ाया जाएगा।
सावन आते ही शहर के ऐतिहासिक अलखनाथ मंदिर में चहल पहल रहती थी। जहां भक्त मनौती के लिए सावन के पहले सोमवार को पूजा अर्चना किया करते थे। सावन से एक दिन पहले पूरा परिसर खाली रहा। हर तरफ सन्नाटा छाया है। नाथ नगरी के प्रसिद्ध वनखंडी नाथ मंदिर में भी कोरोना वायरस के चलते शिवलिंग पर जल चढ़ाना निषेध रहेगा। पुजारी ज्वाला गिरी ने बताया कि हमें हमारी गुरुजनों से आदेश है कि शिवालय में किसी को प्रवेश ना दें वही जलाभिषेक पर भी पाबंदी लगाएं।
नहीं लगी दुकानें, न हुई सजावट
नाथ नगरी के प्रसिद्ध मंदिरों में भक्तों के लिए जो सुविधा अनुसार दुकाने लगती थीं, वह इस बार नहीं लगी। नाथ नगरी के प्रसिद्ध मंदिर सावन से एक दिन पहले ही लाइटों से जगमगा जाते थे, लेकिन इस बार लाइटों की सजावट नहीं हो पाई।
त्रिवटी नाथ मंदिर के खुले रहेंगे द्वार, शिवलिंग पर नहीं चढ़ेगा जल
त्रिवटी नाथ मंदिर कि मीडिया प्रभारी संजीव अग्रवाल ने बताया कि शिवलिंग पर जलाभिषेक करने की पाबंदी रहेगी, भक्तों के लिए मंदिर के द्वार खुले रहेंगे। चालीसा करने वालों की संख्या भी काफी कम है।
