शारदीय नवरात्रि: लखनऊ में सज गए जगत जननी मां दुर्गा के भवन

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लखनऊ। सज गए जगत जननी मां दुर्गा के भवन। 26 सितम्बर से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो रहे हैं। रविवार को भक्त नवरात्रि पूजन की तैयारियों में जुटे दिखे। सोमवार से लखनपुरी में मां दुर्गा के जयकारे गूंजने लगेंगे। भक्त माता के दर्शन को आतुर हो रहे हैं। इस बार पूरे नौ दिन नवरात्रि के हैं। …

लखनऊ। सज गए जगत जननी मां दुर्गा के भवन। 26 सितम्बर से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो रहे हैं। रविवार को भक्त नवरात्रि पूजन की तैयारियों में जुटे दिखे। सोमवार से लखनपुरी में मां दुर्गा के जयकारे गूंजने लगेंगे। भक्त माता के दर्शन को आतुर हो रहे हैं। इस बार पूरे नौ दिन नवरात्रि के हैं। कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से 7:03 मिनट तक हैं। इसके बाद 11:15 मिनट से 12:12 तक अभिजीत मुहूर्त में भी पूजन शुरू करना शुभ रहेगा।

उ.प्र. संस्कृत संस्थान के पूर्व कर्मकाण्ड प्रशिक्षक रहे पं. अनिल कुमार पाण्डेय ने बताया कि कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह सूर्योदय से 7ः03 मिनट तक हैं। इसके बाद 11ः15 मिनट से 12ः 12 तक अभिजीत मुहूर्त में भी पूजन शुरू करना शुभ रहेगा। उन्होंने बताया कि इस बार पूरे नवरात्रि है। 26 सितम्बर को प्रतिपदा, 27 को द्वितीया, 28 को तृतीया, 29 को चतुर्थी , 30 को पंचमी तिथि का पूजन किया जाएगा। इसके बाद एक अक्टूबर को षष्ठी, दो अक्टूबर को सप्तमी, तीन को महाष्टमी व्रत रखा जाएगा। चार को नवमी व्रत रखा जाएगा। पंडित जी ने बताया कि चार अक्टूबर को नवमी सूर्योदय से दोपहर 12ः 15 मिनट तक ही , इस कारण से नवमी व्रत का पारण किया जा सकता है। इसके बाद दशमी लग जाएगी।

लखनपुरी में देवी के कई प्राचीन मंदिर है, जहां नवरात्रि में काफी संख्या में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। इनमें चौक के चूड़ी वाली गली स्थित बड़ी काली जी मंदिर, छोटी काली जी मंदिर, मां शेरावाली का मंदिर है। ब़डी काली जी, छोटी काली जी मंदिर की इस शहर में बडी मान्यता हैं। ये दोनों ही बडे ही प्राचीन मंदिर हैं। नवरात्रि पर भारी संख्या मे भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं।

वहीं चूडी वाली गली के बाहर खुनखुन जी की कोठी से सटा ही मां आनंदी देवी का मंदिर है। चौक क्षेत्र मे उधर से गुजरने वाला हर व्यक्ति मां आनंदी के दर्शन करके ही अपने काम पर जाता है। वहीं चौक चौराहे पर ही संतोषी माता का मंदिर है। इसके अलावा उधर पास ही में बसे पुराने इलाके रानीकटरा में माता संकटा देवी मंदिर, लक्ष्मी देवी का मंदिर, मां गार्गी देवी का मंदिर, चौपटिया में संदोहन देवी का बडा ही प्राचीन मंदिर है।

कैसरबाग के घसियारी मंडी स्थित कालीबाडी मंदिर हैं। यहां बंगाली परिवारों के काफी लोग दर्शन के लिए आते हैं। गणेशगंज में सतोषी माता मंदिर, छितवापुरी स्थित भुंईयन देवी मंदिर, सदर मे मां दुर्गा देवी मंदिर, टिकैतराय तालाब स्थित मां शीतला देवी मंदिर, सआदतगंज स्थित मां मसानी देवी मंदिर, चिनहट की माता छोहरिया देवी मंदिर अन्य छोट-बड़े मंदिर है। नवरात्रि पर इन मंदिरों मे भक्तों की कतारें दिखेगी।

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