लंबी खिंच रही है मोस्ट वांटेड विकास दुबे की तलाश
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे की तलाश दिन पर दिन लंबी होती जा रही है। पांच दिनों के भीतर आम हिस्ट्रीशीटर से मोस्ट वांटेड अपराधी बन चुके विकास और उसके गुर्गाें की तलाश में जुटी यूपी पुलिस की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ रही …
कानपुर। उत्तर प्रदेश में कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी विकास दुबे की तलाश दिन पर दिन लंबी होती जा रही है। पांच दिनों के भीतर आम हिस्ट्रीशीटर से मोस्ट वांटेड अपराधी बन चुके विकास और उसके गुर्गाें की तलाश में जुटी यूपी पुलिस की जांच ज्यों ज्यों आगे बढ़ रही है, उसके काले काराेबार और कारनामो की दास्तां खुलकर सामने आने लगी है।
पुलिस की फाइलों में अब तक एक इलाकाई बदमाश के तौर पर पहचान दर्ज कराने वाला विकास भूमाफिया,धमकी, उगाही और ब्याज पर लेनदेन जैसे कई मामलों में लिप्त पाया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार विकास के डर से इलाके के लोग जहां उसके खिलाफ मुंह खोलने से डरते है वहीं पुलिसकर्मियों पर भी रौब झाड़ने वह पीछे नहीं रहा है।
अपने अपराधों की काली करतूत को दबाने के लिये राजनीति का सहारा लेना वाला दुर्दांत सिपाही से लेकर दारोगा तक पर हाथ उठाने से गुरेज नहीं करता था जिसके चलते पुलिसकर्मी बिकरू गांव जाने से कतराते थे। विकास के आपराधिक नेटवर्क की कड़ियां उधेड़ने में जुटी पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने उसके करीबी और लेनदेन का कारोबार संभालने वाले जय बाजपेई नामक शख्स को उठाया है जिससे अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
वहीं शहीद क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र मिश्र द्वारा तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव तिवारी को भेजे गये वायरल खत की भी हकीकत पता करने में पुलिस महकमा जुटा हुआ है। पुलिस की 50 से अधिक टीमे मोस्टवांटेड अपराधी की तलाश में दिल्ली, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान राज्य की सीमाओं के अलावा पड़ोसी देश नेपाल की सरहद पर भी पैनी निगाह रखे हुये हैं।
पुलिस को आशंका है कि मुठभेड़ में मारे जाने के डर से विकास अन्य राज्यों में आत्मसमर्पण करने की कोशिश कर सकता है। बीती रात पुलिस ने विकास की रिश्तेदार, नौकरानी और एक पड़ोसी को गिरफ्तार किया है। इस बीच पुलिस प्रशासन ने शहीद सीओ के वायरल पत्र की जांच का जिम्मा पुलिस महानिरीक्षक लक्ष्मी सिंह को सौंपा है। सिंह ने बिल्हौर पहुंच कर अपना काम शुरू भी कर दिया है।
नामित पुलिस अधिकारी जल्द ही अपनी रिपोर्ट सरकार को देंगी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि विकास दुबे के करीबी जय बाजपेई से पूछताछ जारी है। पुलिस को जय के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल की पड़ताल में कई संदिग्ध नंबर मिले हैैं। कुछ ही सालों में अकूत संपत्ति का मालिक बनने वाले जय की हकीकत का पता करने के लिये सुरक्षा एजेंसियां उसकी हिस्ट्री खंगालने में जुट गयी है।
उधर ढाई लाख के इनामी की तलाश में पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्गो पर स्थित टोल प्लाजा पर वांटेड अपराधी के पोस्टर चस्पा किये हैं। टोल कर्मियों को वाहन की रसीद काटने के साथ सवार और वाहन में बैठी सवारी की शक्ल देखने के भी निर्देश दिये गये हैं। इस बीच कानपुर के पुलिसकर्मियों ने शहीद साथियों के परिजनों की मदद के लिये अपने एक दिन की पगार दान करने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि गुरूवार और शुक्रवार की रात चौबेपुर के बिकरू गांव में हत्या के प्रयास के मामले में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को गिरफ्तार करने गयी पुलिस टीम पर बदमाशों ने फायरिंग की थी। इस हमले में पुलिस उपाधीक्षक बिल्हौर देवेंद्र कुमार मिश्र के अलावा शिवराजपुर के थाना प्रभारी महेश यादव,मंधना चौकी प्रभारी अनूप कुमार, शिवकराजपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक नेबूलाल,चौबेपुर थाने में तैनात कांस्टेबल सुल्तान सिंह ,बिठूर थाने में तैनात कांस्टेबल राहुल,जितेंद्र और बबलू शहीद हो गये थे जबकि घटना में सात पुलिसकर्मी घायल हो गये थे।
