देश के अगले CDS अनिल चौहान ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर

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नई दिल्ली। भारत के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान को दिल्ली के साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। CDS जनरल अनिल चौहान कहा कि मुझे गर्व है कि …

नई दिल्ली। भारत के अगले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के रूप में नियुक्त लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान (सेवानिवृत्त) ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान को दिल्ली के साउथ ब्लॉक में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

CDS जनरल अनिल चौहान कहा कि मुझे गर्व है कि आज मैं भारतीय सेनाओं के प्रमुख पद पर कार्यभार संभालने जा रहा हूं। भारत सरकार, तीनों सेनाओं की आशाओं को पूरा करने की कोशिश करूंगा। हमारे सामने सुरक्षा संबंधी जो भी चुनौतियां और मुश्किलें हैं उसको साझा रूप से दूर करने की कोशिश करेंगे।

मोदी सरकार ने पूर्वी कमान के प्रमुख रहे लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को देश का अगला CDS नियुक्ति किया है। पिछले साल दिसंबर में जनरल बिपिन रावत के शहीद होने के बाद से CDS का पद खाली था। जनरल रावत की जगह अब रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान को सेना की ये बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अनिल चौहान को राष्ट्र की सेवा के लिए समय-समय पर परम विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से भी सम्मानित किया गया।

बता दें कि अपने 40 साल के शानदार करियर के बाद 31 मई 2021 को सेना की पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान रिटायर हो गए थे। अब देश के नये CDS बनाए गए हैं। वह CDS के साथ-साथ सैन्य मामलों के विभाग में सेक्रेटरी की भी जिम्मेदारी संभालेंगे।

अनिल चौहान मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के रहने वाले हैं। अनिल चौहान के पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहने के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में उग्रवाद में बड़ी कमी आई थी जिसके फलस्वरूप कई पूर्वोत्तर राज्यों में सेना की तैनाती में भी कमी आई। चौहान को उग्रवाद के खिलाफ अभियानों का खासा अनुभव है। वह सेना में कई अहम पदों पर काम कर चुके हैं। वह अंगोला में संयुक्त राष्ट्र शांतिवाहिनी मिशन में सैन्य पर्यवेक्षक भी रह चुके हैं।

बतौर डीजीएमओ वह ऑपरेशन सनराइज के मुख्य शिल्पी थे जिसके तहत भारतीय और म्यांमार सेना ने दोनों देशों की सीमाओं के पास उग्रवादियों के विरूद्ध समन्वित अभियान चलाया। चौहान बालाकोट में सर्जिकल स्ट्राइक की योजना से भी जुड़े थे। इसके साथ ही पूर्वी कमान ने उनके नेतृत्व में भारत-चीन सीमा पर राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने में अपना साहस दिखाया था।

देश के नए CDS को जानिए
ले.जन.(रि.)अनिल चौहान देश के नए CDS
ईस्टर्न कमान के कमांडर से 2021 में रिटायर हुए।
चाइना एक्सपर्ट माने जाते हैं अनिल चौहान
बालाकोट एयरस्ट्राइक के वक़्त DGMO थे।
अभी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सलाहकार हैं।
40 साल तक आर्मी में काम करने का अनुभव।

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