बरेली: श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं ने सती, ध्रुव चरित्र और कपिल मुनि अवतार का किया श्रवण
बरेली, अमृत विचार। त्रिबटीनाथ मंदिर में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथावाचक आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने सती व ध्रुव चरित्र एवं कपिल मुनि अवतार के प्रसंगों का वर्णन किया। आचार्य ने कहा कि विष्णुजी ने पांचवां अवतार कपिल मुनि के रूप में लिया। शरशय्या पर पड़े हुए भीष्म पितामह के शरीर …
बरेली, अमृत विचार। त्रिबटीनाथ मंदिर में चल रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को कथावाचक आचार्य मृदुल कृष्ण गोस्वामी ने सती व ध्रुव चरित्र एवं कपिल मुनि अवतार के प्रसंगों का वर्णन किया। आचार्य ने कहा कि विष्णुजी ने पांचवां अवतार कपिल मुनि के रूप में लिया। शरशय्या पर पड़े हुए भीष्म पितामह के शरीर त्याग के समय वेद व्यास आदि ऋषियों के साथ कपिल मुनि भी वहां उपस्थित थे। कपिल मुनि सांख्य दर्शन के प्रवर्तक हैं। कपिल मुनि भागवत धर्म के प्रमुख बारह आचार्यों में से एक हैं।
आचार्य ने बताया कि शिव की अनुमति लिए बिना उमा अपने पिता दक्ष द्वारा आयोजित यज्ञ में भाग लेने पहुंच गईं। यज्ञ में महादेव का आमंत्रण और उनका भाग न दिए जाने पर कुपित होकर सती ने यज्ञ कुंड में आहुति देकर शरीर त्याग दिया। इस मौके पर भजनों पर श्रद्धालु अपने आपको थिरकने से नहीं रोक पाए। कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने श्रीमद्भागवत जी की विधिवत आरती कर कथा का रसपान किया। गिरधर गोपाल खंडेलवाल, राकेश खंडेलवाल, विनय खंडेलवाल, राधेश्याम गुप्ता, युधिष्ठिर मलिक, चमनलाल वर्मा, जगदीश भाटिया आदि मौजूद रहे।
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