कानपुर: सात नयी रक्षा कंपनियों का पहला स्थापना दिवस आज, एक साल में उत्साहजनक रहे हैं नतीजे
कानपुर, अमृत विचार। मोदी सरकार द्वारा रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में स्वदेशी के मंत्र और आत्मनिर्भर भारत के विजन संग समर्थ और सुरक्षित भारत के मिशन को पूरा करने के लिए एक साल पहले 41 आयुध निर्माणियों को सार्वजनिक क्षेत्र की 7 रक्षा कंपनियों में बदलने का जो साहसिक फैसला लिया गया था, वह गेम …
कानपुर, अमृत विचार। मोदी सरकार द्वारा रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में स्वदेशी के मंत्र और आत्मनिर्भर भारत के विजन संग समर्थ और सुरक्षित भारत के मिशन को पूरा करने के लिए एक साल पहले 41 आयुध निर्माणियों को सार्वजनिक क्षेत्र की 7 रक्षा कंपनियों में बदलने का जो साहसिक फैसला लिया गया था, वह गेम चेंजर साबित होता नजर आ रहा है।
केंद्र सरकार ने पहली अक्टूबर, 2021 को आर्डिनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) जो कि आयुध निर्माणियों का मुख्यालय था, को भंग कर सात नयी रक्षा उत्पादन कंपनियों का लोकार्पण किया था। इन सात कंपनियों में तीन एडवांस वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया, ट्रूप कम्फर्ट लिमिटेड तथा ग्लाइडर्स इंडिया के मुख्यालय कानपुर में स्थित हैं। इन तीनों कंपनियों के पहली छमाही और उसके बाद के नतीजे उत्साहवर्धक रहे हैं ।
एडवांस वेपन एंड इक्विपमेंट निगमीकरण के बाद मेक इन इंडिया के रास्ते पर तेज़ी से चल पड़ी है । कंपनी के पास 8000 करोड़ के आर्डर हैं। 3000 करोड़ के नए आर्डर जल्द हाथ में आ सकते हैं। कंपनी की शहर स्थित इकाइयों आयुध निर्माणी, स्माल आर्म्स तथा फील्ड गन में गुणवत्ता परीक्षण प्रक्रिया को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया गया है । आर्टिलरी गन सिस्टम के उत्पादन में कंपनी स्वदेशी तकनीक और उपकरणों का दुनिया भर में लोहा मनवा रही है । कंपनी को स्वीडन व इज़राइल से निर्यात के आर्डर मिले है। सरसौल में शूटिंग रेंज बनने जा रहा है। सारंग तोप अपग्रेड हो चुकी है।
ट्रूप कर्म्फट लिमिटेड भी स्वदेशी उत्पाद विकसित करने में लगी है। कंपनी की इकाई ओईएफ से स्वदेशी बुलेट प्रूफ जैकेट भाभा कवच की आपूर्ति शुरू हो चुकी है।माड्यूलर लाइट वेट लोड कैरिंग इक्विपमेंट (मोले) जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है, को बनाने पर काम चल रहा है। बर्फीले क्षेत्रों में माइनस 50 डिग्री तापमान में काम आने वाले स्लीपिंग बैग व टेंट का उत्पादन हो रहा है। चोटियों पर चढ़ने में सहायक बूट क्रैम्पस को विकसित किया गया है। ठंडे क्षेत्रों के लिए स्पेस हीटिंग डिवाइस (बुखारी) का उन्नत संस्करण तैयार है।
इसी तरह ग्लाइडर्स इंडिया की इकाई पैराशूट फ़ैक्ट्री मिलेट्री पैराशूट की हर माँग पूरी करने के साथ राहत और बचाव कार्य में काम आने वाले सप्लाई ड्राप पैराशूट बनाने में सक्षम है। नये आर्डर के साथ कंपनी युद्धक विमानों मिग, मिराज, सुखोई व जगुआर के लिए ब्रेक पैराशूट बनाने में लगी है। हाल ही में कंपनी ने एयरो स्पोर्ट्स के पैराशूट भी तैयार किए हैं ।
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