‘आप’ एमएलए प्रकाश जारवाल की जमानत रद्द करने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने एक डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका में हस्तक्षेप से बुधवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति बी आर गवई की खंडपीठ ने मृतक के पुत्र की याचिका का निपटारा …
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने एक डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में आम आदमी पार्टी (आप) विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत रद्द करने संबंधी याचिका में हस्तक्षेप से बुधवार को इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा और न्यायमूर्ति बी आर गवई की खंडपीठ ने मृतक के पुत्र की याचिका का निपटारा कर दिया और उन्हें जमानत रद्द कराने के लिए सक्षम अदालत के समक्ष जाने को कहा।
न्यायमूर्ति बोबडे ने कहा कि जारवाल पहले से ही जमानत पर हैं, ऐसे में निचली अदालत जाना ही उचित उपाय है। शीर्ष अदालत ने कहा कि यदि जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया जाता है, तो पीड़ित परिवार जमानत रद्द करने की मांग कर सकता है।
न्यायालय ने कहा कि जारवाल को जमानत देने में दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से की गई किसी भी टिप्पणी से निचली अदालत प्रभावित नहीं होगी। प्रकाश जारवाल को दिल्ली उच्च न्यायालय ने गत 24 जून को जमानत दी थी। विधायक पर राजेंद्र सिंह नामक 52 वर्षीय डॉक्टर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। चिकित्सक ने गत 18 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
