बाराबंकी: महात्मा गांधी शांति पुरस्कार से नवाजे गए चौधरी राकेश सिंह टिकैत
बाराबंकी, अमृत विचार। रविवार को गांधी भवन पर आयोजित एक समारोह में किसान नेता चौधरी राकेश सिंह टिकैत को उनके लंबे सत्याग्रह के लिए महात्मा गांधी शांति पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर चौधरी टिकैत ने कहा कि देश का इतिहास बदलने और किसानों की जमीन छीनने की साजिश की जा रही है। ऐसे …
बाराबंकी, अमृत विचार। रविवार को गांधी भवन पर आयोजित एक समारोह में किसान नेता चौधरी राकेश सिंह टिकैत को उनके लंबे सत्याग्रह के लिए महात्मा गांधी शांति पुरस्कार से नवाजा गया। इस अवसर पर चौधरी टिकैत ने कहा कि देश का इतिहास बदलने और किसानों की जमीन छीनने की साजिश की जा रही है। ऐसे कानून आने वाले हैं जिससे गांव-गांव में दूध भी किसान नहीं बेच सकेगा।
चौधरी टिकैत ने कहा कि किसान आंदोलन महात्मा गांधी की ही विचारधारा पर चला। किसानों के भविष्य का फैसला चमकीली कोठियों में बैठकर किया जा रहा है। मुरलीधारण के लिए जो कमेटी बनाई गई है । उन्होंने हमसे कहा कि बैलों की 160 दिन की मजदूरी जोड़ लेते हैं उन्हें यह समझने की जरूरत है कि बैल 365 दिन चारा खाते हैं। काम करें या न करें। गरीब किसान को यह बताया जा रहा है कि यदि अपनी जमीन बेच दें तो वह मिले पैसे से ज्यादा कमा सकते हैं। किसानों के वह बेटे जिन्हें कहीं बाहर नौकरी मिल जा रही है वह गांव आना ही नहीं चाहते हैं।
किसान नेता ने कहा कि यदि देश को बचाना है तो आजादी जैसा आंदोलन चलाना होगा।
अध्यक्ष राजनाथ शर्मा ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि इतने ज्यादा दिनों तक राकेश टिकैत ने सत्याग्रह किया महात्मा गांधी ने भी कभी नहीं किया था। यह किसान आंदोलन पूरे विश्व में एक इतिहास बन गया और सरकार को झुकना पड़ा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री अरविंद सिंह गोप ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है राकेश सिंह टिकैत ने किसान आंदोलन को एक नई दिशा दी। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को उजेर किदवई, पूर्व विधायक राम गोपाल रावत, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश दीक्षित, मृत्युंजय शर्मा, धनंजय शर्मा, अशोक शुक्ला सहित कई नेताओं ने संबोधित किया।
ये भी पढ़ें-मुरादाबाद: इस गांव में रहस्यमयी बुखार से दहशत, 15 दिन में 7 लोगों की मौत
