बाराबंकी: लावारिस मरीजों की देखभाल में लापरवाही बरत रहा जिला अस्पताल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

शोभित शुक्ला बाराबंकी, अमृत विचार। जिला अस्पताल के इमरजेंसी की पहली मंजिल पर वार्ड नंबर 3 में भर्ती आधा दर्जन लावारिसों को इन दिनों खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इनकी देखरेख न होने से यहां अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। जिला अस्पताल में भर्ती इन छह लावारिस मरीजों की देखभाल जब …

शोभित शुक्ला
बाराबंकी, अमृत विचार। जिला अस्पताल के इमरजेंसी की पहली मंजिल पर वार्ड नंबर 3 में भर्ती आधा दर्जन लावारिसों को इन दिनों खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इनकी देखरेख न होने से यहां अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है। जिला अस्पताल में भर्ती इन छह लावारिस मरीजों की देखभाल जब अस्पताल प्रशासन से नहीं हुई, तो इनकी देखभाल करने का बीड़ा नवाबगंज तहसील के काजी पुरवा गांव निवासी चंद्रशेखर पुरोहित पुत्र श्री किशोरी लाल उम्र 43 वर्ष नहीं उठाया है।

यहां रोज की तरह जिला अस्पताल में इन लावारिश मरिजों की साफ-सफाई, खान-पान व ड्रेसिंग सहित अन्य मदद करने आने वाले चंद्रशेखर बताते है कि यहां भर्ती मरीजों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा के परिजन न होने से अस्पताल में उन्हें बेहतर सेवाएं व ट्रीटमेंट नहीं दी जा रही है। पिछले कई महीनों से भर्ती एक महिला जिसका शरीर विकृति रूप ले चुका है। उसके पूरे शरीर में जगह-जगह घाव हैं। जिसमें उसके हाथ और पैर पर गहरे घाव है। जिसका नियमित रूप से पट्टी किया जाना आवश्यक है। लेकिन जिला अस्पताल की लापरवाही के चलते इन महिला की पट्टी कई दिनों तक नहीं की जाती। जिस पर अस्पताल के बड़े अधिकारी भी मौन धारण किए हुए है।

वार्ड में चारों तरफ गंदगी बिखरी हुई है। यहां तक की वार्ड में फैली तीव्र दुर्गंध के चलते यहां आने से पहले किसी भी व्यक्ति का मास्क व रुमाल नाक पर लगाना स्वाभाविक सी बात हो गई है। लेकिन जिला अस्पताल अपनी आंखें बंद किए हुए है। उसे इन लावारिस मरीजों का दर्द नहीं दिखता। इसके साथ ही इस वार्ड में आम मरीजों को भी भर्ती कर लिया जाता है। जिससे उन पर भी संक्रमित होने का खतरा मंडराने लगता है।

अव्यवस्थाओं का अंबार
एक अन्य मरीज जिनकी उम्र लगभग 70 वर्ष के करीब है। जो कि अस्पताल में इसी हफ्ते लावारिस अवस्था में भर्ती हुए है। जो गंभीर रूप से चोटिल है। उन्हें बेहतर रखरखाव व ट्रीटमेंट की नितांत आवश्यकता है। लेकिन जिला अस्पताल के संबंधित आला अधिकारियों को इन लावारिसों का दर्द नहीं दिखता।

बोले जिम्मेदार
“मामला अति संवेदनशील है। मैं स्वयं मौके का निरीक्षण पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करूंगा : डॉक्टर बृजेश कुमार (जिला चिकित्सालय प्रभारी)”

ये भी पढ़ें-बरेली: जिला अस्पताल में व्यवस्था हुई बेहाल, डेंगू-मलेरिया की नहीं रहीं जांच

संबंधित समाचार