तो इस वजह से बैन है उत्तराखंड के इस गांव में विदेशियों का आना
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के एक गांव में विदेशी नागरिकों का आना वर्जित है। अगर किसी विदेशी ने यहां जाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सुरक्षाबल कार्रवाई करते हैं। इस गांव का नाम है चकराता। दरअसल इस गांव में भारतीय सेना की छावनी है। इसी वजह से यहां पर सेना के जवानों की तैनाती …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड के एक गांव में विदेशी नागरिकों का आना वर्जित है। अगर किसी विदेशी ने यहां जाने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सुरक्षाबल कार्रवाई करते हैं।

इस गांव का नाम है चकराता। दरअसल इस गांव में भारतीय सेना की छावनी है। इसी वजह से यहां पर सेना के जवानों की तैनाती रहती है। ब्रिटिश शासन के समय से ही यह गांव सेना की छावनी रहा है। दिल्ली से चकराता की दूरी करीब 330 किमी की दूरी पर स्थित है। देहरादून के पास स्थित चकराता एक छोटा सा कस्बा है जो अपनी नैसर्गिक सुदरता के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है।
गांव शांत और अपनी सुंदरता के लिए मशहूर है। इसके साथ ही यह गांव प्रदूषण मुक्त है। इस गांव की जनसंख्या भी काफी कम है। आधा दर्जन होटल यहां जरूर हैं। इस गांव को जौंसार बावर के नाम से भी लोग जानते हैं। यहां जौनसारी जाति के लोग निवास करते हैं। यहां से टाइगर फॉल, देववन और चिरमिरी थोड़ी दूरी पर हैं जहां आप घूमने के लिए जा सकते हैं।
