राम की नगरी में लगा कबीर पंथियों का मेला
अमृत विचार, अयोध्या। वैष्णव नगरी रामानंद संप्रदाय की पीठ मर्यादा राम की जन्मस्थली अयोध्या में कबीर पंथियों का मेला शुरू हो गया है। आसपास के जनपदों के ही नहीं सुदूर प्रांतों से भी अनुयायी जीयनपुर स्थित कबीर मठ पहुंचे हैं। मंगलवार को दोपहर बाद विभिन्न धर्मावलंबियों की ओर से कबीर के विचार को आगे बढ़ाने …
अमृत विचार, अयोध्या। वैष्णव नगरी रामानंद संप्रदाय की पीठ मर्यादा राम की जन्मस्थली अयोध्या में कबीर पंथियों का मेला शुरू हो गया है। आसपास के जनपदों के ही नहीं सुदूर प्रांतों से भी अनुयायी जीयनपुर स्थित कबीर मठ पहुंचे हैं। मंगलवार को दोपहर बाद विभिन्न धर्मावलंबियों की ओर से कबीर के विचार को आगे बढ़ाने की वकालत के साथ तीन दिवसीय सांप्रदायिक सौहार्द कबीर मेले का शुभारंभ हुआ। मेले का आयोजन परंपरागत रूप से कबीर धर्म मंदिर सेवा समिति के संस्थापक रामसूरत साहेब व कबीर मठ के निर्माणकर्ता उदार साहेब की पुण्य स्मृति में किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता रामचंद्र वर्मा ने कहा कि कबीर ने देश और संस्कार को स्वावलंबन का संदेश दिया। इसीलिए वह संत शिरोमणि के रूप में प्रख्यात हुए। बाबरी मस्जिद मामले के मुद्दई रहे इकबाल अंसारी ने कहा कि कबीर ने सभी धर्मों की कुरीतियों पर समान रूप से प्रहार करने का काम किया और लोगों को मानवता की राह दिखाई। ब्रह्मकुंड गुरुद्वारा के ज्ञानी चरनजीत सिंह ने कहा कि समय काल भले ही बदल गया, लेकिन आज भी कबीर की वाणी और विचार उतना की प्रांसगिक है। सुनील शुक्ला ने वर्तमान पीढ़ी को सद्गुरु कबीर के आदर्शों और विचारों पर चलने की आवश्यकता जताई।
परमहंस ने कहा कि जाति धर्म की सीमा से परे कबीर कल भी सबके आदर्श थे और आज भी हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे लखनऊ उच्च न्यायालय के अधिवक्ता एमबी सिंह ने कहा कि कबीर ने न केवल विचार दिया बल्कि अपने व्यवहार से इसको पुष्ट किया। इसी के चलते अंतिम समय वह काशी से मगहर लौट आए।
कार्यक्रम का शुभारंभ समिति के संस्थापक व मठ के निर्माणकर्ता के चित्र पर माल्यार्पण और बीजक पाठ से हुआ। संचालन समिति के पूर्व मंत्री विवेक ब्रह्मचारी और आभार ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष महंत उमाशंकर दास ने किया। इस अवसर पर डीसीएफ बस्ती के पूर्व चेयरमैन राम शंकर निराला, राम उगाजर, जोखू प्रसाद, राम प्रकाश दास, राधेश्याम दास, रवींद्र दास समेत सैकड़ों की संख्या में कबीर पंथ के अनुयायी मौजूद रहे।
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