बाराबंकी: दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर बारिश का ग्रहण

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अमृत विचार, बाराबंकी। नवरात्रि के समापन के साथ दुर्गा मूर्तियों के विसर्जन के कार्यक्रम पर बारिश का ग्रहण लग गया है। जिले में देर रात से शुरू हुई बारिश ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। सबसे ज्यादा बुरा हाल तराई क्षेत्रों का है। यहां सरयू नदी हो रही कटान के साथ-साथ लोगों को …

अमृत विचार, बाराबंकी। नवरात्रि के समापन के साथ दुर्गा मूर्तियों के विसर्जन के कार्यक्रम पर बारिश का ग्रहण लग गया है। जिले में देर रात से शुरू हुई बारिश ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है। सबसे ज्यादा बुरा हाल तराई क्षेत्रों का है। यहां सरयू नदी हो रही कटान के साथ-साथ लोगों को बारिश के पानी से भी बड़ी मुश्किलातों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही बाढ़ खंड कर्मचारियों द्वारा कराए जा रहे बाढ़ बचाव कार्य भी रोक दिया गया है।

जिले में 91 पूजा पंडालों के में स्थापित दुर्गा मां की प्रतिमा का विसर्जन होना है। जिसको लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए है। सभी विसर्जन घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा बल मौजूद है। लेकिन देर रात 4 बजे से शुरू हुई बारिश ने आम् जन-जीवन को परेशान कर रख दिया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर सड़कों पर जलभराव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। जिससे बड़ी संख्या में लोग जूझते नजर आए।

रामसनेहीघाट में पुल व काशीपुर स्थित गोकुला घाट के अलावा सहादतगंज घाट पर भी बैरीकेटिंग और गोताखोरों की व्यवस्था मौजूद है। इसी तरह रामनगर में सरयू नदी में देवी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए आवश्यक नाम के साथ गोताखोरों की तैनाती कर दी गई है। यह विसर्जन स्थल पर कम लोगों को ही जाने दिया जाएगा। विसर्जन स्थल पर पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है। सिरौलीगौसपुर में भी सनावा, सिरौली गुंग और सफदरगंज के कल्याणी घाट व मसौली के कल्याणी घाट पर प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए है।

फसलों को नुकसान

सितंबर माह में बरस रहा हथिया नक्षत्र किसानों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। किसान बताते हैं कि लगातार छह घंटों की बारिश से खेत में लगे धान की पौध पूरी तरह से गिर गए है। खेतों में पानी भर गया है। तेज धूप निकलने पर पानी गर्म पड़ेगा। जिससे धान की फसल नष्ट हो जाएगी।

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