सरयू ने समेटा रौद्र रूप, तटवर्ती क्षेत्रों में बढ़ा कटान का खतरा

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अयोध्या, अमृत विचार। मानसून सीजन में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात के चलते सरयू ने रौद्र रूप धारण कर लिया था। राम नगरी अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया तो तटवर्ती इलाकों में बाढ़ को लेकर हलचल मच गई थी। हालांकि सरयू ने अब अपने रौद्र रूप …

अयोध्या, अमृत विचार। मानसून सीजन में पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही लगातार बरसात के चलते सरयू ने रौद्र रूप धारण कर लिया था। राम नगरी अयोध्या में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया तो तटवर्ती इलाकों में बाढ़ को लेकर हलचल मच गई थी।

हालांकि सरयू ने अब अपने रौद्र रूप को समेटना शुरू कर दिया है।गुरुवार को खतरे के निशान से नीचे गिरते हुए सरयू का जलस्तर 92.700 रिकॉर्ड किया गया। सरयू के गिरते जल स्तर से तटवर्ती इलाकों में कटान का खतरा बढ़ गया है।
राम नगरी अयोध्या से होकर बहने वाली सरयू को मोक्षदायिनी कहा जाता है लेकिन समय-समय पर यह मोक्षदायिनी सरयू आपदा और बाढ़ लेकर भी आती है।

बुधवार को सरयू ने रौद्र रूप धारण करते हुए खतरे का निशान 92.730 पार किया और जलस्तर लगातार बढ़ने लगा तो प्रशासन ने तटवर्ती इलाकों में अलर्ट घोषित कर दिया। सरयू के कछार में बसे गांव के बाशिंदों ने अपने अपने सामान समेटना शुरू कर दिया। गुरुवार को दोपहर 12:00 बजे सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर 92.750 दर्ज किया गया, लेकिन इसके बाद जलस्तर में हर घंटे गिरावट दर्ज होनी शुरू हुई।

गुरुवार की शाम 6:00 बजे केंद्रीय जल आयोग ने सरयू का जलस्तर 92.700 रिकॉर्ड किया है। जो खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर नीचे है। केंद्रीय जल आयोग के संजय कुमार ने बताया कि आज सरयू का जलस्तर में गिरावट शुरू हो गया है। शाम 6:00 बजे सरयू का जलस्तर खतरे के निशान के नीचे 92.700 था। अनुमान लगाया जा रहा है कि कल जलस्तर 92.620 हो जाएगा।

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