मुरादाबाद : आफत बनी बारिश, फसलों को भारी नुकसान…अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें
मुरादाबाद,अमृत विचार। मानसून के आखिरी दिनों में हो रही बारिश फसलों पर आफत है। इससे अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। फसल के नुकसान का आंकलन राजस्व, कृषि विभाग की टीम करेगी लेकिन इसकी भरपाई कितनी होगी यह बाद में पता चलेगा। हालांकि किसान की मेहनत पर बारिश पानी फेर रही है। इस …
मुरादाबाद,अमृत विचार। मानसून के आखिरी दिनों में हो रही बारिश फसलों पर आफत है। इससे अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। फसल के नुकसान का आंकलन राजस्व, कृषि विभाग की टीम करेगी लेकिन इसकी भरपाई कितनी होगी यह बाद में पता चलेगा। हालांकि किसान की मेहनत पर बारिश पानी फेर रही है।
इस समय धान की फसल कहीं खेत में कटने के लिए तैयार है तो कहीं कटकर सूखने के लिए रखी है। ऐसे में वर्षा जल ने किसानों को राहत नहीं आफत दे दी है। पहले कम बारिश और आखिर में पानी-पानी की स्थिति किसानों को दुविधा में डाल दी है। पिछले महीने सरकार के निर्देश पर जिलों से कम बारिश के चलते फसल पर पड़े प्रभाव की रिपोर्ट मांगी गई थी। अब बारिश से नुकसान का आंकलन करने के लिए कदम उठेगा। नुकसान का मुआवजा सरकारी आंकड़ों और मानकों पर निर्भर करेगा। मगर फौरी तौर पर अन्नदाता चिंता में है कि वह दिवाली पर खुशियां किस रुप में मनाए जब उसके पूरे सीजन की मेहनत पर पानी फिरा हो।
जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ पंकज मिश्र का कहना है कि राज्य आपदा मोचन निधि से फसल, गृह, पशु हानि पर मानक के अनुसार मुआवजा मिलता है। इसके आंकलन के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व, कृषि विभाग की टीमें क्षेत्र में जाएंगी।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : 24 घंटे में 299.90 मिलीमीटर हुई वर्षा, फसलों को हुआ भारी नुकसान
