अयोध्या: तीन साल में भी सात योजनाओं से संतृप्त नहीं हो सके चयनित 40 गांव
अयोध्या। तीन साल पहले केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ग्राम स्वराज योजना के तहत चयनित 11 ब्लाकों के 40 गांवों में से एक भी गांव संतृप्त नहीं हुए हैं। इन गांवों को सात योजनाओं से पूरी तरह से संतृप्त किया जाना था। पंचायती राज विभाग के तहत संचालित ग्राम स्वराज योजना के …
अयोध्या। तीन साल पहले केन्द्र और प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई ग्राम स्वराज योजना के तहत चयनित 11 ब्लाकों के 40 गांवों में से एक भी गांव संतृप्त नहीं हुए हैं। इन गांवों को सात योजनाओं से पूरी तरह से संतृप्त किया जाना था। पंचायती राज विभाग के तहत संचालित ग्राम स्वराज योजना के तहत विभिन्न विभागों की सहभागिता सुनिश्चित की गई थी। इन विभागों में आपसी समन्वय की कमी और मानीटरिंग के अभाव में योजना धरातल पर नहीं उतर सकी।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य, उजाला योजना, प्रधान मंत्री जन धन योजना, प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना और मिशन इंद्रधनुष को शामिल किया गया था। इन सातों योजनाओं से सभी चयनित गांवों को संतृप्त किया जाना था। इनमें अभी भी एक भी योजना सही ढंग से लागू नहीं हो सकी है। सौभाग्य योजना की बात करें तो अधिकतर चयनित गांवों में पूरी तरह से विघुतीकरण नहीं हुआ है। कुछ गांवों में खम्बे लग गए तो लाइन नहीं खिंची तो कुछ में लाइन के बाद आपूर्ति नहीं चालू हुई।
प्रधानमंत्री जन धन योजना में भी कोई प्रगति नहीं हुई। जिले के 11 ब्लाकों में सर्वाधिक 13 गांव बीकापुर विकास खंड में चयनित किए गए लेकिन अभी एक भी सातों योजनाओं से पूरी तरह से संतृप्त नहीं है। सोहावल के 4, पूराबाजार के 3, मिल्कीपुर के 5, तारून के 2, मया के 5, रुदौली के 2, मसौधा के 4, हैरिग्टनगंज के 2 समेत कुल 40 गांवों को चयनित किया गया था। वर्तमान में हाल यह है कि चयनित गांवों को लेकर खुद जिम्मेदारों तक प्रगति की जानकारी नहीं है। सीडीओ अनीता यादव का कहना है कि इस संबंध में प्रगति की जानकारी ली जाएगी। इसके बारे में अभी विस्तृत सूचना नहीं है।
यह भी पढ़ें:-भाजपा ने गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार किया: नड्डा
