बरेली: खतरे की ओर बढ़ने लगा रामगंगा का जलस्तर

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बरेली, अमृत विचार। तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। क्षेत्र व आसपास से गुजरने वाली सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट पर प्रशासन व बाढ़ खंड के अधिकारियों ने ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है। जनपद से होकर …

बरेली, अमृत विचार। तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। क्षेत्र व आसपास से गुजरने वाली सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट पर प्रशासन व बाढ़ खंड के अधिकारियों ने ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है। जनपद से होकर गुजरने वाली प्रमुख नदी रामगंगा का जलस्तर भी बीते महज 24 घंटों में ही 158.930 से बढ़कर 159.730 तक आ गया है।

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जलस्तर खतरे के स्तर से महज 3 मीटर ही पीछे रह गया है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक उत्तराखंड के नैनीताल जनपद व आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार बारिश हो रही है। आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का संकट गहरा सकता है। बाढ़ खंड की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक बीते 24 घंटे में चौबारी स्थित रामगंगा नदी में 92.6 मिमी तक बारिश दर्ज की गई है। उधर, रामगंगा में आकर मिलने वाली अन्य नदियों का जलस्तर काफी बढ़ गया है।

कई नदियों से भारी मात्रा में पानी छोड़ा भी जा रहा है। मुख्य रूप से कोसी बैराज से 32052 क्यूसेक पानी सुबह छोड़ा गया है। गोला से 22450 और ड्यूनी डैम से 14692 क्यूसेक पानी मंगलवार को सुबह छोड़ा गया। इन नदियों से पानी छोड़े जाने के कारण जनपद के कुछ क्षेत्रों में पानी पहुंच गया है। हालांकि अभी कालागढ़ डैम और मुरादाबाद रामगंगा कटघर से पानी नहीं छोड़ा गया है।

खतरे के निशान पर नानर सागर, बहगुल का जलस्तर

धौरा जलाशय का जलस्तर 214.88 तक बना हुआ है। जबकि 216.40 मीटर ही अधिकतम जलस्तर की सीमा है। हालांकि, जलाशय के स्पिल वे के जरिए 85.03 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज कर दिया गया है। वहीं बहगुल जलाशय की अधिकतम जलस्तर की सीमा 208.33 मीटर है, जबकि यहां का जलस्तर 208.250 तक पहुंच गया है।

वहीं उत्तराखंड के नानकमत्ता स्थित नानक सागर जलाशय का जलस्तर 213.88 मीटर तक पहुंच गया है, जबकि अधिकतम जलस्तर की सीमा 215.19 मीटर निर्धारित है। यहां से भी 118.46 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।

सभी नदियों के आसपास के क्षेत्रों में कर्मचारियों व आमजन को सचेत रहने के लिए कहा गया है। पहाड़ों व आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार बारिश हो रही है। पहाड़ों से आने वाले पानी के कारण रामगंगा का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। – राजेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड, बरेली

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