चित्रकूट : प्राकृतिक खेती करें प्रदेश के किसान – सूर्यप्रताप शाही
अमृत विचार, चित्रकूट। तीर्थक्षेत्र में भारतरत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर लगे ग्रामोदय मेले को देखने पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती पर जोर दिया जाएगा। मंगलवार को आए कृषि मंत्री ने तीर्थक्षेत्र में किए गए नानाजी देशमुख …
अमृत विचार, चित्रकूट। तीर्थक्षेत्र में भारतरत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर लगे ग्रामोदय मेले को देखने पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि बुंदेलखंड में प्राकृतिक खेती पर जोर दिया जाएगा। मंगलवार को आए कृषि मंत्री ने तीर्थक्षेत्र में किए गए नानाजी देशमुख के कामों की सराहना की।
उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में रसायनमुक्त प्राकृतिक खेती पर हुई गोष्ठी में कहा कि प्राकृतिक खेती का आधार देसी नस्ल की गाय हैं, जिनका संरक्षण एवं संवर्धन राष्ट्रऋषि ने किया। कहा कि पंजाब में सर्वाधिक रासायनिक खाद प्रयोग की जाती है, जिसके फलस्वरूप सर्वाधिक असाध्य रोगी भी वहीं से आते हैं।
बताया कि बुंदेलखंड के सातों जिलों में प्राकृतिक खेती पर काम शुरू किया जा रहा है। इस मौके पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने ऑनलाइन संगोष्ठी को संबोधित किया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. हरिओम, चंद्रभानु, डॉ. भरत शरण अध्यक्ष निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग मप्र, पूर्व मंत्री राजेंद्र शुक्ला, सांसद गुना डॉ. केपी यादव आदि ने भी प्राकृतिक खेती पर अपने विचार रखे।
उधर, मप्र प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के नानाजी परिसर में ग्रामोदय किसान स्कूल भवन का लोकार्पण किया। मंत्री ने कहा कि कृषि और किसान देश की रीढ़ है। उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के अंधाधुंध प्रयोग पर सचेत किया।
इस मौके पर इस मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन, कुलपति प्रो. भरत मिश्रा, अधिष्ठाता कृषि प्रो. डीपी राय, कुलसचिव डॉ. अजय कुमार, कार्य निदेशक सीपी बस्तानी, प्रो. वीरेंद्र कुमार व्यास, प्रो. आईपी त्रिपाठी, प्रो. अमरजीत सिंह, डॉ आंजनेय पांडेय आदि मौजूद रहे।
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