बिजली समस्या : पूराबाजार व गोसाईगंज में सर्वाधिक फुंके ट्रांसफार्मर

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अमृत विचार, अयोध्या। मई, जून तो छोड़िये बीते जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह में इतनी जबरदस्त गर्मी रही कि इस दौरान शहर से गांव तक में लगे करीब 1500 छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर फुंक गये। शहरी क्षेत्रों में तो कम लेकिन विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय क्षेत्र में जुड़े पूरा, मया, गोसाईंगंज व बीकापुर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने …

अमृत विचार, अयोध्या। मई, जून तो छोड़िये बीते जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह में इतनी जबरदस्त गर्मी रही कि इस दौरान शहर से गांव तक में लगे करीब 1500 छोटे-बड़े ट्रांसफार्मर फुंक गये। शहरी क्षेत्रों में तो कम लेकिन विद्युत वितरण खण्ड द्वितीय क्षेत्र में जुड़े पूरा, मया, गोसाईंगंज व बीकापुर क्षेत्र में ट्रांसफार्मर जलने की बाढ़ लगी रही।

सिर्फ इन्हीं क्षेत्रों में तीन माह के दौरान 600 से अधिक ट्रांसफर जल गये। बिजली विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक बीते जुलाई, अगस्त और सितम्बर माह में शहर से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की भारी मांग रही। इसके चलते इतना लोड बढ़ा कि 10 केवीए से लेकर 630 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर ताबड़तोड़ जल गये।

विभागीय आंकड़े बताते हैं कि जुलाई, अगस्त व सितम्बर माह में 630 केवीए के 3, 400 केवीए के 18, 250 केवीए के 50, 160 केवीए के 7, 100 केवीए के 123, 63 केवीए के 210, 25 केवीए के 746, 16 केवीए के 111 और 10 केवीए के 214 ट्रांसफार्मर (परिवर्तक) क्षतिग्रस्त हुए हैं।

ऐसे ट्रांसफार्मर हुए क्षतिग्रस्त

विद्युत विभाग के वर्कशॉप डिवीजन से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बीते जुलाई, अगस्त व सितम्बर माह में जनपद अयोध्या में कुल 1482 ट्रांसफार्मर खराब हुए या जल गये। यह ट्रांसफार्मर 10 केवीए से लेकर 630 केवीए तक के हैं। जनपद में चार वितरण खण्ड हैं। अयोध्या प्रथम विद्युत वितरण खण्ड में शहरी इलाके आते हैं।

यहां विगत तीन माह में 123 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं विद्युत वितरण खण्ड रुदौली में 279, अयोध्या द्वितीय वितरण खण्ड क्षेत्र में सबसे अधिक 627 और मिल्कीपुर विद्युत वितरण खण्ड क्षेत्र में 453 ट्रांसफार्मर जल गये या किन्हीं अन्य कारणों से क्षतिग्रस्त हुए।

इस सम्बन्ध में विद्युत वर्कशॉप डिवीजन के अधिशाषी अभियंता वेंकट रमन ने बताया कि जो नये ट्रांसफार्मर लिये जाते हैं उनकी वारंटी 3 साल की होती है। खराब होने पर उन्हें बदल दिया जाता है। तीन साल बाद जो ट्रांसफार्मर खराब होते हैं उनकी विभाग में ही मरम्मत की जाती है। एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत पर करीब 7 से 8 हजार रुपये ही खर्च होते हैं। इसलिए विभाग को कोई खास राजस्व क्षति नहीं होती।

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